वाराणसी : तय समय में विकास कार्य पूरे नहीं हुए तो लगेगा जुर्माना, महापौर ने कार्यदायी संस्थाओं को दी स्पष्ट हिदायत
वाराणसी। शहर की मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने और विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए नगर निगम अब पूरी तरह सख्त रुख अपनाने जा रहा है। तय समयसीमा में कार्य पूरा न करने वाली संबंधित संस्थाओं पर अब सीधे जुर्माना लगाया जाएगा। यह निर्देश मंगलवार को वाराणसी स्मार्ट सिटी के सभागार में आयोजित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में महापौर अशोक कुमार तिवारी ने दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता से जुड़े प्रोजेक्ट्स में देरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
महापौर की अध्यक्षता में हुई बैठक में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे और प्रस्तावित विकास कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। महापौर ने कहा कि विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने के लिए निगम टीम के साथ-साथ श्रमिकों की संख्या (मैनपावर) में भी आवश्यकतानुसार वृद्धि की जाएगी। साथ ही, कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होगा। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और संस्थाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा के दौरान अस्सी क्षेत्र में प्रस्तावित पार्किंग परियोजना प्रमुख मुद्दा रहा। महापौर ने निर्देश दिया कि बीएचयू से ड्राइंग डिजाइन का अप्रूवल मिलते ही पार्किंग कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया जाए। उन्होंने इस कार्य के लिए 30 अप्रैल तक की अंतिम समयसीमा तय की और चेतावनी दी कि यदि तय समय तक कार्य शुरू नहीं हुआ तो संबंधित संस्था पर भारी पेनाल्टी लगाई जाएगी।
जलनिगम के कार्यों को लेकर भी महापौर ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिया कि जल निगम आगामी नौ माह के भीतर अपने सभी लंबित कार्यों को पूर्ण करे। विशेष रूप से रामनगर क्षेत्र की पेयजल योजना को लेकर उन्होंने कहा कि वहां की निविदा प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए और दिसंबर 2026 तक हर हाल में कार्य पूरा किया जाए।
बैठक में भेलूपुर स्थित 17.5 एकड़ भूमि पर विकसित किए जा रहे पार्क और पार्किंग प्रोजेक्ट की भी समीक्षा हुई। इस परियोजना को 14 दिसंबर तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इसके अलावा बेनियाबाग, पेट्रोल पंप और शिवपुर कांजी हाउस में निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स में हो रही देरी पर महापौर ने नाराजगी जताई और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
महापौर ने चितईपुर में नगर निगम की खाली भूमि पर जनोपयोगी परियोजनाएं विकसित करने और रोहनिया विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने पर भी जोर दिया। म्युनिसिपल बॉन्ड के तहत संचालित परियोजनाओं की निगरानी के लिए एक नोडल अधिकारी की तैनाती का आदेश भी दिया गया।
कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए महापौर ने मुख्य अभियंता को स्वयं स्थलीय निरीक्षण करने और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही सीएम ग्रिड परियोजनाओं को समय से पूरा करने और भिटकुरी कान्हा गौशाला निर्माण कार्य में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, अपर नगर आयुक्त सविता यादव और अमित कुमार, संयुक्त नगर आयुक्त जीतेंद्र कुमार आनंद, मुख्य अभियंता आर.के. सिंह, महाप्रबंधक जलकल अनूप सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी एस.के. चौधरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।