वाराणसी : खतरे के निशान के करीब पहुंचकर घटने लगीं गंगा, जलस्तर 70.65 मीटर, घाट और तटवर्ती इलाके अब भी जलमग्न 

गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के बाद अब गिरावट का दौर शुरू हो गया है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) के राजघाट गेज स्थल पर शुक्रवार को सुबह 10 बजे गंगा का जलस्तर 70.65 मीटर दर्ज किया गया। यह चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर से 38.8 सेंटीमीटर ऊपर है। हालांकि जलस्तर अब 0.5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घट रहा है, जिससे तटवर्ती इलाकों में लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
 

वाराणसी। गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के बाद अब गिरावट का दौर शुरू हो गया है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) के राजघाट गेज स्थल पर शुक्रवार को सुबह 10 बजे गंगा का जलस्तर 70.65 मीटर दर्ज किया गया। यह चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर से 38.8 सेंटीमीटर ऊपर है। हालांकि जलस्तर अब 0.5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घट रहा है, जिससे तटवर्ती इलाकों में लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का खतरा बिंदु 71.262 मीटर निर्धारित है। मौजूदा जलस्तर खतरे के निशान से करीब 61.2 सेंटीमीटर नीचे है। वहीं अब तक का उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) 73.901 मीटर है। गंगा के जलस्तर में गिरावट शुरू होने के बावजूद नदी अभी चेतावनी बिंदु से ऊपर बह रही है। ऐसे में तटवर्ती क्षेत्रों और निचले इलाकों में सतर्कता बनाए रखने की जरूरत है। जलस्तर घटने की रफ्तार पर प्रशासन और संबंधित विभागों की निगाह बनी हुई है।

जलस्तर में कमी से गंगा किनारे स्थित इलाकों और घाटों पर बाढ़ की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार की संभावना है। हालांकि पानी पूरी तरह सामान्य स्तर पर आने तक लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन की ओर से राहत और निगरानी संबंधी व्यवस्थाएं जारी रखी जा रही हैं।