लखनऊ अग्निकांड के बाद वाराणसी में फायर विभाग अलर्ट, कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी की जांच 

लखनऊ में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के बाद वाराणसी का अग्निशमन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। शहर में किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने तथा भीड़भाड़ वाले संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को फायर विभाग की टीम ने दुर्गाकुंड और साकेत नगर क्षेत्र स्थित कई कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण किया।
 

वाराणसी। लखनऊ में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के बाद वाराणसी का अग्निशमन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। शहर में किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने तथा भीड़भाड़ वाले संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को फायर विभाग की टीम ने दुर्गाकुंड और साकेत नगर क्षेत्र स्थित कई कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संस्थानों में उपलब्ध अग्निशमन संसाधनों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से परीक्षण किया। टीम ने फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट, विद्युत वायरिंग, आपातकालीन निकास मार्ग और अन्य सुरक्षा उपकरणों की जांच कर उनकी कार्यक्षमता का मूल्यांकन किया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि किसी भी आपात स्थिति में छात्रों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने की पर्याप्त व्यवस्था मौजूद हो।

फायर विभाग के अधिकारियों ने कोचिंग संचालकों, शिक्षकों और कर्मचारियों को अग्निकांड की स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियों और सुरक्षा उपायों की जानकारी भी दी। उन्हें बताया गया कि आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करें तथा छात्रों को व्यवस्थित ढंग से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की तैयारी हमेशा रखें।

जांच के दौरान अधिकारियों ने अग्निशमन उपकरणों के नियमित रखरखाव, समय पर रिफिलिंग और सर्विसिंग पर विशेष जोर दिया। जिन संस्थानों में सुरक्षा संबंधी छोटी-मोटी कमियां पाई गईं, उन्हें तत्काल सुधारने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई कि अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

फायर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। स्कूलों, कोचिंग सेंटरों, अस्पतालों, शॉपिंग मॉल और अन्य सार्वजनिक संस्थानों की नियमित जांच कर सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि किसी भी संभावित हादसे को रोका जा सके और जनहानि की आशंका को न्यूनतम किया जा सके।