वाराणसी : गंगा का पानी उतरने के बाद भी घाटों पर सिल्ट सफाई की चुनौती, 15 से अधिक पंप लगाकर हटवाई जा रही गाद 

गंगा का जलस्तर घटने के बाद भी काशी के घाटों की रौनक पूरी तरह नहीं लौट सकी है। बाढ़ का पानी उतरने के साथ घाटों की सीढ़ियों, संपर्क मार्गों और किनारे के हिस्सों पर जमा सिल्ट, कीचड़ और गंदगी अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। कई प्रमुख घाटों पर फिसलन के कारण श्रद्धालुओं, पर्यटकों और पुरोहितों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, नमो घाट पर प्रस्तावित एयर शो, छठ पूजा और देव दीपावली जैसे बड़े आयोजनों को देखते हुए नगर निगम ने सफाई अभियान तेज कर दिया है। घाटों की सफाई के लिए 15 से अधिक पंपों के साथ सफाईकर्मियों और मजदूरों को लगाया गया है।
 

एयर शो, छठ पूजा और देव दीपावली से पहले सफाई अभियान तेज, सिल्ट और कीचड़ से बढ़ गई है परेशानी 

नमो घाट पर एयर शो की तैयारियों के मद्देनजर विशेष सफाई अभियान

अहिल्याबाई, राजघाट, अस्सी, मणिकर्णिका और दरभंगा समेत कई घाटों के संपर्क मार्गों पर सिल्ट जमा

गंगा में स्नान करने और पूजा-पाठ के लिए आने वाले लोगों को हो रही परेशानी

मुख्य अभियंता सुरेश चंद्र बोले- जेसीबी, पंप और श्रमिकों की मदद से कराई जा रही सफाई

वाराणसी। गंगा का जलस्तर घटने के बाद भी काशी के घाटों की रौनक पूरी तरह नहीं लौट सकी है। बाढ़ का पानी उतरने के साथ घाटों की सीढ़ियों, संपर्क मार्गों और किनारे के हिस्सों पर जमा सिल्ट, कीचड़ और गंदगी अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। कई प्रमुख घाटों पर फिसलन के कारण श्रद्धालुओं, पर्यटकों और पुरोहितों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, नमो घाट पर प्रस्तावित एयर शो, छठ पूजा और देव दीपावली जैसे बड़े आयोजनों को देखते हुए नगर निगम ने सफाई अभियान तेज कर दिया है। घाटों की सफाई के लिए 15 से अधिक पंपों के साथ सफाईकर्मियों और मजदूरों को लगाया गया है।

गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से काफी नीचे आने के बावजूद घाटों पर जमा गाद की समस्या बनी हुई है। पानी उतरने के बाद सीढ़ियों और रास्तों पर रह गई सिल्ट को हटाना नगर निगम के लिए चुनौती बन गया है। घाटों की सुंदरता प्रभावित होने के साथ ही श्रद्धालुओं की आवाजाही भी बाधित हो रही है। आगामी आयोजनों में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सफाई व्यवस्था दुरुस्त करना जरूरी हो गया है।

15 से अधिक पंपों से हटाई जा रही गाद
नमो घाट पर प्रस्तावित एयर शो को देखते हुए नगर निगम ने विशेष रूप से सफाई पर जोर दिया है। घाट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में जमा सिल्ट और गंदगी हटाने के लिए 15 से अधिक पंप लगाए गए हैं। इनके माध्यम से पानी के दबाव से गाद हटाने का काम कराया जा रहा है। इसके साथ ही सफाईकर्मियों और मजदूरों की मदद से सीढ़ियों तथा संपर्क मार्गों की सफाई की जा रही है।

नमो घाट पर एयर शो के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में आयोजन से पहले घाट परिसर को साफ-सुथरा बनाने और लोगों की आवाजाही सुगम रखने की चुनौती है। नगर निगम की टीमें मशीनों और श्रमिकों की मदद से सफाई कार्य में जुटी हैं। उद्देश्य है कि आयोजन के दौरान लोगों को कीचड़, गंदगी और फिसलन के कारण परेशानी न उठानी पड़े।

प्रमुख घाटों के रास्तों पर जमा है सिल्ट
गंगा का जलस्तर कम होने के बावजूद अहिल्याबाई घाट, राजघाट, राणामहल घाट, जैन घाट, अस्सी घाट, महानिर्वाणी घाट, मणिकर्णिका घाट और दरभंगा घाट समेत कई प्रमुख घाटों के संपर्क मार्गों पर गाद जमा है। पानी उतरने के बाद कई स्थानों पर कीचड़ और फिसलन की स्थिति बनी हुई है। इससे घाटों तक पहुंचने वाले लोगों को सावधानी से चलना पड़ रहा है।

घाटों की सीढ़ियों और रास्तों पर जमा सिल्ट के कारण गंगा में स्नान करने के लिए पानी तक पहुंचना भी आसान नहीं रह गया है। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और उन श्रद्धालुओं को अधिक परेशानी हो सकती है, जिन्हें सीढ़ियों पर उतरने-चढ़ने में दिक्कत होती है। वहीं, घाटों पर प्रतिदिन पूजा-पाठ कराने वाले पुरोहितों और स्थानीय लोगों को भी अपने कामकाज के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

काशी के घाट धार्मिक गतिविधियों के साथ पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र हैं। ऐसे में इनकी सफाई केवल सुंदरता तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।

श्रद्धालुओं को स्नान और पूजा-पाठ में परेशानी
घाटों पर पूजा-पाठ कराने वाले राकेश गुरु ने बताया कि गंगा का जलस्तर कम होने के बाद भी कई स्थानों पर काफी सिल्ट जमा है। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। गंगा में स्नान करने के लिए पानी तक पहुंचने में दिक्कत होती है और कीचड़ के कारण कई जगह चलना भी मुश्किल हो रहा है।

 

उन्होंने कहा कि काशी के घाटों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में घाटों की नियमित सफाई जरूरी है। जलस्तर कम होने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि घाटों की स्थिति जल्द सामान्य हो जाएगी, लेकिन गाद जमा रहने से समस्या बनी हुई है। यदि समय रहते सिल्ट हटा दी जाए, तो श्रद्धालुओं को राहत मिल सकती है।

एयर शो, छठ और देव दीपावली से पहले चुनौती
वाराणसी में आने वाले दिनों में कई बड़े आयोजन प्रस्तावित हैं। नमो घाट पर एयर शो के साथ छठ पूजा और देव दीपावली को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं। इन आयोजनों में स्थानीय लोगों के अलावा देश-विदेश से पर्यटकों और श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में घाटों और संपर्क मार्गों को साफ-सुथरा रखना नगर निगम की प्राथमिकताओं में शामिल है।

विशेष रूप से नमो घाट पर एयर शो के दौरान भीड़ को देखते हुए सफाई, आवागमन और परिसर की व्यवस्था पर ध्यान देना होगा। वहीं, छठ पूजा और देव दीपावली के दौरान भी घाटों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे। ऐसे में केवल प्रमुख आयोजन स्थलों की ही नहीं, बल्कि आसपास के संपर्क मार्गों और अन्य व्यस्त घाटों की सफाई भी महत्वपूर्ण होगी।

नगर निगम का प्रयास है कि आयोजनों से पहले अधिक से अधिक घाटों से सिल्ट हटाकर रास्तों को सुगम बनाया जाए। हालांकि, घाटों की संख्या अधिक होने और अलग-अलग स्थानों पर गाद जमा होने के कारण सफाई कार्य में समय लग रहा है।

जेसीबी और पंपों से कराई जा रही सफाई
नगर निगम के मुख्य अभियंता सुरेश चंद्र ने बताया कि नमो घाट के आसपास जेसीबी मशीन की मदद से सफाई कराई जा रही है। अन्य घाटों पर पानी के पंपों के माध्यम से सिल्ट हटाने का कार्य चल रहा है। सफाई अभियान में श्रमिकों को भी लगाया गया है, ताकि गाद और गंदगी को जल्द से जल्द हटाया जा सके।

उन्होंने बताया कि आगामी आयोजनों को देखते हुए घाटों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नगर निगम की टीमें अलग-अलग स्थानों पर काम कर रही हैं। प्रयास है कि एयर शो, छठ पूजा और देव दीपावली से पहले घाटों की स्थिति बेहतर हो और श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों को आवागमन में परेशानी न हो।

सफाई के साथ फिसलन से बचाव भी जरूरी
घाटों से सिल्ट हटाने के साथ उन स्थानों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, जहां कीचड़ के कारण फिसलन बनी हुई है। सफाई के बाद रास्तों की स्थिति की जांच और नियमित निगरानी से लोगों को राहत मिल सकती है। बुजुर्गों, बच्चों और स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से सीढ़ियों और संपर्क मार्गों को साफ रखना महत्वपूर्ण है।

फिलहाल, गंगा का जलस्तर घटने के बाद भी घाटों की सफाई की चुनौती बरकरार है। नगर निगम ने पंपों, मशीनों और श्रमिकों की मदद से अभियान तेज किया है। अब देखना होगा कि आगामी आयोजनों से पहले प्रमुख घाटों और संपर्क मार्गों से सिल्ट तथा गंदगी हटाने का काम कितनी तेजी से पूरा होता है और श्रद्धालुओं को कब तक राहत मिलती है।