वाराणसी : जूनियर इंजीनियर पर हमले के विरोध में इंजीनियर्स संघ सख्त, धरना देकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की
वाराणसी। सिंचाई विभाग में कार्यरत जूनियर इंजीनियर पर हुए जानलेवा हमले के मामले में सिविल डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने कड़ा रुख अपनाया है। संघ ने इस घटना को गंभीर बताते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की है।
24 अप्रैल को बाढ़ खंड, बलरामपुर में तैनात जूनियर इंजीनियर अरुण कुमार पर सुनियोजित तरीके से हमला किया गया। घटना दोपहर करीब 1:15 बजे की बताई गई है, जब वह कार्यालय में अधिकारियों के साथ कार्य संबंधी चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने अचानक कार्यालय परिसर में घुसकर उन पर हमला कर दिया। हमलावरों में विभागीय कर्मियों के नाम भी सामने आए हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
संघ का कहना है कि यह हमला पूर्वनियोजित था और इससे पहले भी कार्यालय परिसर में तोड़फोड़ और अभद्रता की घटनाएं हो चुकी हैं। इस घटना में कुछ लोगों ने दस्तावेजों को नुकसान पहुंचाने का भी प्रयास किया। हालांकि मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों की सूझबूझ से जूनियर इंजीनियर की जान बचाई जा सकी।
सिविल डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने आरोप लगाया है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद न तो दोषियों की गिरफ्तारी हुई है और न ही कोई ठोस विभागीय कार्रवाई की गई है। इसके विपरीत, शिकायत करने वाले कर्मचारियों पर ही दबाव और धमकियां दी जा रही हैं, जिससे विभागीय कर्मचारियों में भय और असुरक्षा का माहौल है।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने मांग की है कि दोषियों को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। संघ के पदाधिकारियों ने इस संबंध में उच्च अधिकारियों को ज्ञापन भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।