वाराणसी: बार-बार यातायात नियम तोड़ने वालों का ड्राइविंग लाइसेंस होगा निलंबित, सीज होंगे होटल-ढाबे, पेट्रोल पंप और मैरेज लॉन, डीएम ने दिए सख्त निर्देश 

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस (IRAD) के आंकड़ों की समीक्षा करते हुए दुर्घटना संभावित स्थलों और उनके कारणों पर विस्तार से चर्चा की गई।
 

वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस (IRAD) के आंकड़ों की समीक्षा करते हुए दुर्घटना संभावित स्थलों और उनके कारणों पर विस्तार से चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने पाया कि शहर में अधिकांश सड़क हादसे पेट्रोल पंपों, ढाबों, रेस्टोरेंट, चौराहों, अंडरपास, सर्विस लेन और सड़क के मर्जिंग प्वाइंट के आसपास हो रहे हैं। इस पर उन्होंने बिना समुचित सर्विस लेन के संचालित पेट्रोल पंपों और सीएनजी स्टेशनों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए एनएचएआई और लोक निर्माण विभाग को ऐसे प्रतिष्ठानों की सूची तैयार कर उनके खिलाफ सीजिंग की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग को निर्देश दिया कि बार-बार नियम तोड़ने वाले चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित किया जाए और गंभीर मामलों में निरस्त भी किया जाए। इसके साथ ही ऐसे वाहनों के पंजीकरण प्रमाणपत्र को भी निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग को निर्देशित किया कि बिना पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था के संचालित विवाह भवनों की पहचान कर उन्हें तत्काल सीज किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थल सड़क पर अव्यवस्था और दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बन रहे हैं, इसलिए इनके लाइसेंस भी निरस्त किए जाएं।

दुर्घटनाओं के बाद त्वरित चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी ने एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी को निर्देश दिया कि प्रमुख दुर्घटना संभावित मार्गों के आसपास स्थित अस्पतालों की सूची तैयार कर उपलब्ध कराई जाए। इसके आधार पर एंबुलेंस की तैनाती इस प्रकार की जाए कि किसी भी दुर्घटना स्थल पर पांच मिनट के भीतर चिकित्सा सहायता पहुंच सके। साथ ही डायल-100 पीआरवी वाहनों में भी निकटतम अस्पतालों की सूची रखने के निर्देश दिए गए हैं।

विद्यालय वाहनों की सुरक्षा को लेकर भी जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए। एआरटीओ को सभी स्कूलों को स्पीड गवर्नर, जीपीएस ट्रैकिंग, सीट बेल्ट सहित आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की चेकलिस्ट उपलब्ध कराने और शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही विद्यार्थियों को ढोने वाले सभी वाहनों की सूची तैयार करने और स्कूल प्रबंधन को निर्धारित मानकों का पालन कराने को कहा गया।

इसके अलावा जिलाधिकारी ने नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की घटनाओं पर गंभीर चिंता जताते हुए पुलिस को ऐसे मामलों में अभिभावकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने, भारी जुर्माना लगाने और आवश्यक होने पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर जिलाधिकारी (नगर) आलोक वर्मा, एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्रा, एआरटीओ सुधांशु रंजन, पीटीओ अखिलेश पांडेय सहित एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।