वाराणसी : विकास निधि खर्च करने में सुस्ती डीपीआरओ सख्त, एडीओ पंचायत को जारी की नोटिस

राज्य वित्त और केंद्रीय वित्त आयोग से मिली धनराशि के खर्च में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) ने सख्त रुख अपनाया है। चिरईगांव विकासखंड में 98 प्रतिशत से कम धनराशि खर्च होने पर प्रभारी सहायक विकास अधिकारी पंचायत अशोक कुमार चौबे को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्हें 29 सितंबर तक निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप 98 प्रतिशत धनराशि खर्च करने का निर्देश दिया गया है।
 

वाराणसी। राज्य वित्त और केंद्रीय वित्त आयोग से मिली धनराशि के खर्च में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) ने सख्त रुख अपनाया है। चिरईगांव विकासखंड में 98 प्रतिशत से कम धनराशि खर्च होने पर प्रभारी सहायक विकास अधिकारी पंचायत अशोक कुमार चौबे को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्हें 29 सितंबर तक निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप 98 प्रतिशत धनराशि खर्च करने का निर्देश दिया गया है।

डीपीआरओ वाराणसी की ओर से यह निर्देश 26 सितंबर 2026 को जारी किया गया। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समयसीमा में अपेक्षित प्रगति नहीं होने की स्थिति में सितंबर 2026 का वेतन अग्रिम आदेश तक बाधित किया जा सकता है।

चार विकासखंडों के अधिकारियों पर कार्रवाई
धनराशि खर्च करने में अपेक्षित प्रगति नहीं होने का मामला केवल चिरईगांव तक सीमित नहीं है। आराजी लाइन, चोलापुर और काशी विद्यापीठ विकासखंड के सहायक विकास अधिकारी पंचायतों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। संबंधित अधिकारियों से निर्धारित प्रतिशत से कम धनराशि खर्च होने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग पर भी नाराजगी
बताया गया कि विकास कार्यों और निर्धारित धनराशि के उपयोग से जुड़े प्रदर्शन में जिले को सीएम डैशबोर्ड पर बी कैटेगरी प्राप्त हुई है। इस पर जिलाधिकारी ने भी नाराजगी जताई है। अधिकारियों को विकास योजनाओं के लिए उपलब्ध धनराशि का समयबद्ध तरीके से उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। डीपीआरओ की कार्रवाई के बाद संबंधित विकासखंडों में धनराशि के खर्च और विकास कार्यों की प्रगति बढ़ाने को लेकर विभागीय स्तर पर सक्रियता बढ़ गई है।