वाराणसी : शिक्षा व्यवस्था पर सख्त हुए डीएम, कमजोर प्रगति पर बीईओ का वेतन रोका
वाराणसी। जिले में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने सोमवार को दो महत्वपूर्ण बैठकों में कई अहम निर्देश जारी किए। राइफल क्लब में आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक और कलेक्ट्रेट सभागार में हुई जिला पोषण समिति की बैठक में डीएम ने स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकन, निपुण एसेसमेंट और शैक्षिक गतिविधियों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की।
शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि स्कूल चलो अभियान के तहत निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने विशेष रूप से कक्षा 5 से 6 और कक्षा 8 से 9 में बच्चों के ट्रांजिशन रेट की समीक्षा करते हुए कहा कि कोई भी बच्चा अगली कक्षा में प्रवेश से वंचित नहीं रहना चाहिए। समीक्षा के दौरान चिरईगांव, काशी विद्यापीठ और नगर क्षेत्र में कक्षा 5 से 6 में नामांकन की प्रगति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।
बैठक में डीएम ने बेसिक शिक्षा विभाग में रिक्त पदों तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में खाली पदों को जून माह तक भरने के निर्देश दिए। साथ ही ईसीसीई एजुकेटर की नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने को कहा। उन्होंने निपुण भारत मिशन के तहत विद्यालयवार एसेसमेंट की प्रगति की समीक्षा कर कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यालयों का विश्लेषण करने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने डीबीटी के माध्यम से अभिभावकों के खातों में भेजी जाने वाली 1200 रुपये की धनराशि के सदुपयोग पर जोर देते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूहों की मदद से विद्यालयों में स्टॉल लगाकर बच्चों के लिए यूनिफॉर्म सामग्री उपलब्ध कराई जाए। दिव्यांग बच्चों के लिए मेडिकल कैंप आयोजित कर प्रमाण पत्र बनवाने और स्पेशल एजुकेटर के कार्यों की नियमित समीक्षा के निर्देश भी दिए गए।
वहीं जिला पोषण समिति की बैठक में डीएम ने कहा कि अब आंगनबाड़ी केंद्रों पर पढ़ने वाले प्री-प्राइमरी बच्चों का भी निपुण एसेसमेंट कराया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी केंद्रों पर शैक्षिक गतिविधियों का दैनिक कैलेंडर जारी कर नियमित मॉनिटरिंग की जाए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत 3 से 6 वर्ष के बच्चों को आकृति, रंग, वर्णमाला और गिनती का ज्ञान देने के लिए विशेष तैयारी कराई जाएगी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी डीके सिंह ने बताया कि जिले के 3914 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत 26,664 बच्चों का निपुण एसेसमेंट कराया जाएगा। डीएम ने निर्देश दिया कि मई माह तक बच्चों का मूल्यांकन कर मानक पूरा करने वाले बच्चों का प्राथमिक विद्यालयों में प्रवेश कराया जाए, जबकि कमजोर बच्चों को दो माह के भीतर निपुण बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।