वाराणसी : स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा में डीएम सख्त, आयुष्मान योजना में लापरवाही पर प्रभारी चिकित्साधिकारियों-कर्मचारियों का वेतन रोका 

जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं और केंद्र व राज्य सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने गुरुवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में आयुष्मान भारत योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन तथा अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने खराब प्रदर्शन पर कड़े निर्देश जारी किए और कई अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वेतन रोकने का आदेश दिया।
 

वाराणसी। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं और केंद्र व राज्य सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने गुरुवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में आयुष्मान भारत योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन तथा अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने खराब प्रदर्शन पर कड़े निर्देश जारी किए और कई अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वेतन रोकने का आदेश दिया।

बैठक के दौरान आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत बनाए जा रहे आयुष्मान कार्डों की प्रगति अपेक्षित स्तर से कम पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने आयुष्मान सेल के कर्मियों के साथ-साथ शहरी क्षेत्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों का वेतन तत्काल प्रभाव से अवरुद्ध करने का निर्देश दिया। साथ ही जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया कि कोटेदारों और चिकित्सा अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर राशन वितरण केंद्रों पर विशेष शिविर लगाकर पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं।

डीएम ने विशेष रूप से 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और अन्य पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति आयुष्मान कार्ड से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने अभियान को जनआंदोलन का रूप देने के निर्देश भी दिए।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) की क्षमता के अनुरूप बच्चों की भर्ती सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि आंगनबाड़ी केंद्रों से कुपोषित बच्चों को नियमित रूप से एनआरसी में भेजा जाए और इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

बैठक में उत्तर प्रदेश हेल्थ डैशबोर्ड पर वाराणसी की बेहतर रैंकिंग बनाए रखने पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य संकेतकों में लगातार सुधार बनाए रखने के निर्देश दिए। पूर्ण टीकाकरण कार्यक्रम में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर सेवापुरी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए।
 

इसके अलावा जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को समय पर भुगतान न किए जाने को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सभी संबंधित अकाउंट मैनेजरों का वेतन रोकने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से लाभार्थियों तक पहुंचना चाहिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार ने बैठक में विभिन्न कार्यक्रमों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस दौरान टीबी नोटिफिकेशन रेट, प्रसव पूर्व जांच (फोर एएनसी) और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्साधिकारी और विभिन्न कार्यक्रमों से जुड़े कर्मचारी मौजूद रहे।