वाराणसी मंडल की स्वास्थ्य समीक्षा: टॉप-20 रैंकिंग का लक्ष्य, टीबी, टीकाकरण और गोल्डन कार्ड पर फोकस
वाराणसी। मंडल में स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि सभी जनपद अपनी रैंकिंग प्रदेश के टॉप-20 में सुनिश्चित करें। बैठक की अध्यक्षता अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. नरेन्द्र देव शर्मा ने की, जिसमें मंडल के सभी मुख्य चिकित्साधिकारी, स्वास्थ्य विभाग एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अपर निदेशक ने कहा कि निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप समयबद्ध उपलब्धियां सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने बताया कि यू.पी. हेल्थ डैशबोर्ड रैंकिंग में जनवरी 2026 में वाराणसी मंडल ने प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है, जो सभी जिलों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। जनपदवार स्थिति में वाराणसी दूसरे, चंदौली 11वें, जौनपुर 22वें और गाजीपुर 26वें स्थान पर रहे। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी जनपद अपनी रैंकिंग में सुधार करते हुए टॉप-20 में जगह बनाएं।
संस्थागत प्रसव और सी-सेक्शन की समीक्षा में गाजीपुर और जौनपुर की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई, जिस पर विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए। वहीं जौनपुर में टीबी नोटिफिकेशन दर कम मिलने पर संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया। निक्षय योजना के तहत लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत ‘जीरो पॉवर्टी’ लक्ष्य की समीक्षा में चारों जिलों में 98 से 99 प्रतिशत तक परिवारों का आच्छादन पाया गया, लेकिन हजारों पात्र लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड अभी भी लंबित हैं। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के परिवारों के गोल्डन कार्ड एक सप्ताह के विशेष अभियान में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
परिवार कल्याण कार्यक्रम में अस्थायी साधनों की उपलब्धता बढ़ाने, एफपीएलएमआईएस पोर्टल पर समय से डाटा एंट्री और गुणवत्ता सुधार पर जोर दिया गया। साथ ही, कायाकल्प और एनक्यूएएस प्रमाणन के लिए जनपद स्तर पर कार्ययोजना बनाने को कहा गया।
मानव संसाधन की कमी को दूर करने के लिए रिक्त चिकित्सक पदों पर शीघ्र भर्ती, उपकेंद्रों पर 82 आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और अनुपस्थित सीएचओ के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। नियमित टीकाकरण की समीक्षा में यू-विन पोर्टल पर शून्य सत्र मिलने पर नाराजगी जताई गई, जबकि गाजीपुर में एचपीवी टीकाकरण तत्काल शुरू कराने को कहा गया।