वाराणसी : दुर्गाकुंड में मां कुष्मांडा को कलश अर्पण के साथ देवी भागवत कथा का भव्य समापन

शहर के डाफी क्षेत्र स्थित कमला आशीर्वाद वाटिका में आयोजित नव दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत कथा का मंगलवार को श्रद्धा और धार्मिक उल्लास के बीच भव्य समापन हुआ। समापन अवसर पर कथा की वक्ता साध्वी गीताम्बा तीर्थ के नेतृत्व में 108 कन्याओं के साथ एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो श्रद्धालुओं के साथ होते हुए कुष्मांडा देवी मंदिर पहुंची। यहां विधि-विधान से कलश में स्थापित पवित्र जल को मां कुष्मांडा के चरणों में अर्पित किया गया।
 

वाराणसी। शहर के डाफी क्षेत्र स्थित कमला आशीर्वाद वाटिका में आयोजित नव दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत कथा का मंगलवार को श्रद्धा और धार्मिक उल्लास के बीच भव्य समापन हुआ। समापन अवसर पर कथा की वक्ता साध्वी गीताम्बा तीर्थ के नेतृत्व में 108 कन्याओं के साथ एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो श्रद्धालुओं के साथ होते हुए कुष्मांडा देवी मंदिर पहुंची। यहां विधि-विधान से कलश में स्थापित पवित्र जल को मां कुष्मांडा के चरणों में अर्पित किया गया।

यह धार्मिक आयोजन कलश यात्रा के साथ प्रारंभ हुआ था, जिसमें स्थापित किए गए कलश के जल को पूरे नौ दिनों तक सुरक्षित रखा गया। परंपरा के अनुसार कथा के समापन पर उसी पवित्र जल को देवी को अर्पित कर कार्यक्रम का विधिवत समापन किया गया। इस दौरान भक्तों में गहरी आस्था और उत्साह देखने को मिला।

साध्वी गीताम्बा तीर्थ ने अपने प्रवचनों में कहा कि देवी भागवत कथा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज में आध्यात्मिक चेतना और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का माध्यम है। उन्होंने श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कार और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। समापन के अवसर पर भव्य भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें दंडी सन्यासियों सहित हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन स्थल पर पूरे दिन भक्तिमय माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही।

आयोजकों के अनुसार, नौ दिनों तक चले इस कार्यक्रम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। अंतिम दिन विशेष पूजा-अर्चना, कन्या पूजन और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम शांतिपूर्ण और श्रद्धापूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में एकता, सद्भाव और आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिससे पूरा वातावरण भक्ति और उल्लास से सराबोर रहा।