नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को वाराणसी कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा, 55 हजार रुपये का जुर्माना भी
वाराणसी। विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट के न्यायाधीश अजय कुमार की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला वर्ष 2020 में दर्ज एक गंभीर मामले में सुनाया गया, जिसमें 15 वर्ष की किशोरी के साथ दुष्कर्म का आरोप था।
घर में अकेली थी पीड़िता, आरोपी ने उठाया गलत फायदा
अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 22 दिसंबर 2020 की है। आदमपुर थाना क्षेत्र निवासी पीड़िता उस समय घर में अकेली थी। इसी दौरान आरोपी वहां पहुंचा और उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। साथ ही किसी से कुछ भी कहने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने पूरी घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी, जिसके बाद मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने सुनाया फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य और गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल की सजा और आर्थिक दंड सुनाया। कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि नाबालिगों के साथ इस प्रकार के अपराध समाज के लिए अत्यंत गंभीर हैं और ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है।
मारपीट के मामले में तीन को तीन-तीन साल की सजा
इसी अदालत में एक अन्य मामले में घर में घुसकर मारपीट करने के आरोप में तीन दोषियों को तीन-तीन साल की सजा सुनाई गई है। साथ ही प्रत्येक पर सात-सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह मामला वर्ष 2004 का बताया गया है, जिसमें दो पक्षों के बीच विवाद के बाद मारपीट हुई थी।
कूटरचित दस्तावेज मामले में जांच जारी
एक अन्य प्रकरण में कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जमीन की बिक्री का मामला भी सामने आया है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज बनाकर संपत्ति का पंजीकरण करा लिया गया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि संबंधित मामले में हस्ताक्षर फर्जी पाए गए हैं और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अदालत के इन फैसलों को न्याय व्यवस्था की सख्ती के रूप में देखा जा रहा है, जिससे समाज में कानून का संदेश स्पष्ट रूप से जाता है।