वाराणसी : छुट्टा मवेशी पकड़े गए तो पशुपालक पर 6000 रुपये अतिरिक्त जुर्माना, नगर निगम सख्त
वाराणसी। शहर की सड़कों पर छुट्टा मवेशियों की बढ़ती समस्या को देखते हुए नगर निगम ने अब पशुपालकों पर शिकंजा कसने की तैयारी की है। नगर निगम की कैचिंग टीम द्वारा किसी पशुपालक का मवेशी पकड़े जाने पर उसे छुड़ाने के लिए निर्धारित शुल्क के साथ छह हजार रुपये अतिरिक्त जुर्माना देना होगा। नगर निगम ने यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी है।
नगर निगम के अनुसार शहर में लगातार अभियान चलाकर सड़कों पर घूम रहे छुट्टा मवेशियों को पकड़ा जा रहा है। पकड़े गए मवेशियों को ऐढ़े और नक्खीघाट स्थित कांजी हाउस तथा छितौनी कोट और शहंशाहपुर स्थित कान्हा उपवन भेजा जाता है। मवेशियों को पकड़ने और निर्धारित केंद्रों तक पहुंचाने में निगम को वाहनों के ईंधन, रखरखाव और कर्मचारियों के भत्ते पर खर्च करना पड़ रहा है।
लापरवाह पशुपालकों से वसूला जाएगा खर्च
नगर निगम ने अब इस अतिरिक्त वित्तीय बोझ को अपने स्तर से वहन करने के बजाय मवेशियों को सड़क पर छोड़ने वाले पशुपालकों से वसूलने का निर्णय लिया है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के अनुसार निगम के आय-व्यय और शहर में बढ़ती छुट्टा मवेशियों की समस्या को देखते हुए यह व्यवस्था बनाई गई है।
उन्होंने बताया कि नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में इस संबंध में अंतिम सहमति या निर्णय होने तक वर्तमान आदेश प्रभावी रहेगा। इस दौरान कैचिंग टीम द्वारा पकड़े गए मवेशियों को छुड़ाने के लिए पशुपालक को निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त छह हजार रुपये व्यय जुर्माना जमा करना होगा।
शुल्क जमा होने पर ही छोड़े जाएंगे मवेशी
पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. विजय अमृत राज ने कांजी हाउस और गौआश्रय केंद्रों के प्रभारियों तथा कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित प्रक्रिया का सख्ती से पालन किया जाए। पशुपालक से तय शुल्क के साथ छह हजार रुपये अतिरिक्त जुर्माना जमा कराने के बाद ही मवेशी छोड़े जाएं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों के पालन में किसी तरह की लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य पशुपालकों को अपने मवेशियों को खुले में छोड़ने से रोकना और शहर की सड़कों को छुट्टा पशुओं से मुक्त करना है।