वाराणसी : 70 लाख की धोखाधड़ी में वांछित 25 हजार का इनामी गिरफ्तार, पांच साल बाद कैंट पुलिस ने पकड़ा
वाराणसी। अपराधियों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत चलाए जा रहे अभियान में कैंट पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। अर्दली बाजार स्थित सुविधा साड़ी से करीब 70 लाख रुपये की धोखाधड़ी और गबन के मामले में पिछले पांच वर्षों से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त को पुलिस ने हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया है। अभियुक्त की गिरफ्तारी रविवार की शाम थाना सिविल लाइन, गुरुग्राम क्षेत्र से की गई। पुलिस उससे पूछताछ के साथ ही अग्रिम कार्रवाई में जुटी रही।
पुलिस आयुक्त के निर्देश पर अपराध और अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के क्रम में पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन, अपर पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन एवं सहायक पुलिस आयुक्त कैंट सर्किल के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। प्रभारी निरीक्षक कैंट शिवाकांत मिश्र के नेतृत्व में गठित टीम ने साइबर सेल की मदद से अभियुक्त की लोकेशन ट्रेस कर उसे दबोच लिया।
गिरफ्तार अभियुक्त सौरभ गुप्ता पुत्र राजेश कुमार गुप्ता वर्तमान में पटेल नगर, थाना सिविल लाइन, जनपद गुरुग्राम (हरियाणा) में रह रहा था, जबकि उसका मूल निवास गंगा नगर कॉलोनी, थाना आदमपुर, जनपद वाराणसी है।
इस मामले में थाना कैंट कमिश्नरेट वाराणसी में मु0अ0सं0 0479/21 धारा 420 एवं 409 भारतीय दंड संहिता के तहत मुकदमा दर्ज है। पुलिस के अनुसार, वादी मुकदमा देवानंद सेवारमानी सप्पू ने 8 सितंबर 2021 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप था कि उनकी फर्म सुविधा साड़ीज, अर्दली बाजार में नियुक्त मैनेजर/अकाउंटेंट सौरभ गुप्ता ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर अपने नाम से फर्जी फर्म स्थापित की और माल भुगतान के नाम पर लगभग 70 लाख रुपये का गबन कर लिया।
मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही अभियुक्त फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन द्वारा 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। लंबे समय से चल रही तलाश के बाद आखिरकार थाना कैंट पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और सतत प्रयासों से उसे गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत मिश्र, उपनिरीक्षक आशुतोष कुमार त्रिपाठी, उपनिरीक्षक बलवंत कुमार, हेड कांस्टेबल ज्ञानेन्द्र कुमार, कांस्टेबल प्रेम पंकज एवं नागेन्द्र कुमार शामिल रहे।