वाराणसी : सोलर पैनल के नाम पर व्यवसायी से 17.90 लाख रुपये की साइबर ठगी, फर्जी प्रोफार्मा इनवॉइस भेजकर खाते से उड़ाई रकम

सोलर पैनल की आपूर्ति के नाम पर साइबर ठगों ने एक व्यवसायी से 17 लाख 90 हजार रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित ने मामले की शिकायत साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराई है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। ठगी के लिए आरोपियों ने कंपनी के नाम पर फर्जी दस्तावेज और प्रोफार्मा इनवॉइस का इस्तेमाल किया।
 

वाराणसी। सोलर पैनल की आपूर्ति के नाम पर साइबर ठगों ने एक व्यवसायी से 17 लाख 90 हजार रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित ने मामले की शिकायत साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराई है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। ठगी के लिए आरोपियों ने कंपनी के नाम पर फर्जी दस्तावेज और प्रोफार्मा इनवॉइस का इस्तेमाल किया।

भेलूपुर थाना क्षेत्र के बजरडीहा निवासी व्यवसायी संजय अस्थाना ने पुलिस को बताया कि 23 जुलाई को उन्हें फोन कॉल आया था। फोन करने वाले ने खुद को सनटेक एनर्जी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड का प्रतिनिधि बताया और सोलर पैनल की आपूर्ति का प्रस्ताव दिया। इसके बाद उन्हें एक जीएसटी प्रमाणपत्र भी भेजा गया, जिससे कंपनी की विश्वसनीयता का भरोसा दिलाया गया।

पीड़ित के मुताबिक, तीन अगस्त 2026 को सनटेक एनर्जी सॉल्यूशंस कंपनी के सेल्स मैनेजर के नाम से संपर्क किया गया। इसके बाद कंपनी के नाम पर प्रोफार्मा इनवॉइस भेजा गया और भुगतान करने को कहा गया। व्यवसायी ने भरोसा कर अलग-अलग तारीखों में रुपये ट्रांसफर कर दिए।

चार किस्तों में भेजे 17.90 लाख रुपये
शिकायत के अनुसार, व्यवसायी ने तीन अगस्त, सात अगस्त, आठ अगस्त और 18 अगस्त 2026 को अलग-अलग किस्तों में कुल 17 लाख 90 हजार रुपये भेजे। इसके बाद भी सोलर पैनल की आपूर्ति नहीं हुई। लंबे समय तक इंतजार करने के बावजूद जब सामान नहीं मिला तो उन्हें ठगी का एहसास हुआ।

एपिक फाइल भेजकर 7.30 लाख रुपये की ठगी
साइबर ठगी का एक अन्य मामला भी सामने आया है। जैतपुरा थाना क्षेत्र में फर्जी ई-चालान भुगतान पेज भेजकर एक व्यक्ति के खाते से 7.30 लाख रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित संतोष श्रीवास्तव ने बैंक खाते से रकम निकलने के बाद साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस के अनुसार, मामले में फर्जी लिंक के माध्यम से खाते की जानकारी हासिल कर साइबर ठगी किए जाने की आशंका है। साइबर क्राइम थाना प्रभारी उदयवीर सिंह ने बताया कि दोनों मामलों में शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। पुलिस बैंक खातों और लेनदेन से जुड़े विवरण खंगाल रही है, ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके।