वाराणसी : फ्लैट का झांसा देकर 40 लाख से अधिक की ठगी, बिल्डरों पर मुकदमा
अग्रिम रकम लेने के बाद न फ्लैट दिया, न लौटाए रुपये, बैनामा और रकम मांगने पर धमकी देने का भी आरोप
वाराणसी। फ्लैट दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की अग्रिम धनराशि लेने और बाद में न फ्लैट देने तथा न रकम लौटाने के आरोप में भेलूपुर थाने में बिल्डर कंपनी के निदेशकों और मैनेजर के खिलाफ चार अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। चारों मामलों में पीड़ितों ने कुल 40 लाख रुपये से अधिक की रकम लिए जाने का आरोप लगाया है। पीड़ितों का यह भी आरोप है कि फ्लैट का बैनामा कराने या रकम वापस मांगने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने शिकायतों के आधार पर मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, प्रत्यक्ष इंफ्राडेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, नेवादा-सुंदरपुर के निदेशक ऋषिकेश उपाध्याय, कालिंदी उपाध्याय, अविनाश उपाध्याय, उमा उपाध्याय और संतोष कुमार दूबे के खिलाफ अलग-अलग शिकायतों पर प्राथमिकी दर्ज हुई है। आरोप है कि पटिया क्षेत्र में निर्माणाधीन अपार्टमेंट में फ्लैट देने का भरोसा देकर लोगों से रकम ली गई, लेकिन बाद में फ्लैट का बैनामा नहीं कराया गया।
नौ लाख देने के बाद भी नहीं मिला फ्लैट
सुंदरपुर ब्रिज एन्क्लेव कॉलोनी निवासी राजेश कुमार चौबे ने बताया कि दिसंबर 2021 में उनकी मुलाकात कंपनी के निदेशक ऋषिकेश उपाध्याय से हुई थी। उन्हें पटिया स्थित निर्माणाधीन अपार्टमेंट की तीसरी मंजिल पर फ्लैट देने की बात कही गई। फ्लैट की कीमत 35 लाख रुपये बताई गई, जिसके बाद उन्होंने नौ लाख रुपये अग्रिम दिए। आरोप है कि काफी समय बीतने के बाद भी बैनामा नहीं कराया गया। 9 अगस्त 2026 को रकम वापस करने या बैनामा कराने की मांग करने पर इनकार कर दिया गया। दोबारा मांग करने पर धमकी देने का भी आरोप है।
10.50 लाख और 11 लाख लेने की शिकायत
जंसा निवासी शिवशंकर ने आरोप लगाया कि फ्लैट के नाम पर उनसे 10 लाख रुपये लिए गए, लेकिन फ्लैट नहीं दिया गया और रकम भी वापस नहीं की गई। वहीं सिगरा के घंटी मिल क्षेत्र निवासी रामकृपाल पांडेय ने साढ़े 10 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया है।
नेवादा के राजेंद्र विहार कॉलोनी निवासी धर्मेंद्र पाठक ने शिकायत में बताया कि फ्लैट देने के नाम पर उनसे 11 लाख रुपये लिए गए। बाद में न फ्लैट मिला और न धनराशि वापस की गई।
पहले भी दर्ज हो चुके हैं मुकदमे
चारों मामलों में पुलिस भुगतान से जुड़े दस्तावेज, बैंक लेनदेन और फ्लैट बुकिंग से संबंधित कागजात की जांच कर रही है। एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि संबंधित बिल्डरों के खिलाफ पूर्व में भी प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। नए मामलों में शिकायतों के आधार पर मुकदमे दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।