वाराणसी: करेंट से संविदा लाइनमैन की मौत पर फूटा गुस्सा, बिजली विभाग कार्यालय पर शव रख धरना, 10 लाख मुआवजा, नौकरी और कार्रवाई के आश्वासन के बाद माने लोग 

शहर के पांडेघाट गली स्थित मकान संख्या डी-23/1 के पास विद्युत लाइन की मरम्मत के दौरान करंट लगने से बिजली विभाग के संविदा लाइनमैन भारत कुमार (पुत्र कल्लू प्रसाद) की मौत के बाद शनिवार को परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर भेलूपुर स्थित अधिशासी अभियंता कार्यालय पहुंचे और कार्यालय के बाहर शव रखकर धरना शुरू कर दिया। कई घंटों तक चले हंगामे के बाद प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारियों के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ।
 

वाराणसी। शहर के पांडेघाट गली स्थित मकान संख्या डी-23/1 के पास विद्युत लाइन की मरम्मत के दौरान करंट लगने से बिजली विभाग के संविदा लाइनमैन भारत कुमार (पुत्र कल्लू प्रसाद) की मौत के बाद शनिवार को परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर भेलूपुर स्थित अधिशासी अभियंता कार्यालय पहुंचे और कार्यालय के बाहर शव रखकर धरना शुरू कर दिया। कई घंटों तक चले हंगामे के बाद प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारियों के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ।

हरपुर, भैरवनाथ निवासी भारत कुमार भदैनी पावर हाउस में संविदा लाइनमैन के रूप में कार्यरत थे। बताया गया कि वह लो-टेंशन (एलटी) लाइन की मरम्मत कर रहे थे। इसी दौरान अचानक लाइन में बिजली प्रवाहित हो गई, जिससे वह करंट की चपेट में आकर खंभे से नीचे गिर पड़े। सहकर्मियों ने उन्हें तत्काल बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

मृतक की पत्नी चंदा देवी ने आरोप लगाया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए बिजली आपूर्ति चालू कर दी गई, जिसके कारण यह हादसा हुआ। वहीं मृतक की बहन संगीता ने बताया कि परिवार को रात करीब ढाई बजे हादसे की सूचना मिली। परिजनों का आरोप है कि घटना के काफी देर बाद तक संबंधित जेई और एसडीओ मौके पर नहीं पहुंचे और बाद में भी केवल औपचारिकता निभाई गई।

धरनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं जुट गईं। प्रदर्शनकारियों ने दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, मुकदमा दर्ज करने, परिवार के एक सदस्य को नौकरी तथा उचित मुआवजे की मांग की। सूचना पर एसीपी भेलूपुर सहित भेलूपुर और लंका थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से वार्ता की।

वार्ता के बाद बिजली विभाग ने मृतक के परिजनों को तत्काल 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक देने, परिवार के एक सदस्य को नौकरी उपलब्ध कराने तथा घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने धरना समाप्त कर शव का अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। बिजली विभाग ने पूरे मामले की विभागीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया है, जबकि पुलिस ने भी आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।