वाराणसी : बंद मकानों के ताले तोड़कर चोरी करने वाला अंतर्जनपदीय चोर गिरोह चढ़ा पुलिस के हत्थे, चोरी की स्कूटी, चार लाख की सफेद धातु की सिल्लियां और 50 हजार नकद बरामद
वाराणसी। बंद मकानों की रेकी कर ताला तोड़कर चोरी करने वाले अंतर्जनपदीय गिरोह का लंका और भेलूपुर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की स्कूटी, करीब चार लाख रुपये कीमत की सफेद धातु की दो सिल्लियां और 50 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य नशे के आदी हैं और उसकी जरूरत पूरी करने के लिए बंद मकानों को निशाना बनाते थे। आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगालने पर वाराणसी और गाजीपुर के कई थानों में मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में समीर सोनकर (21), निवासी भगवानपुर, लंका, करन सोनकर (20), निवासी नगवा, लंका और हिमांशू गिरी (19), मूल निवासी बाला थाना विक्रमगंज, रोहतास, बिहार और वर्तमान में भगवानपुर निवासी शामिल हैं। तीनों को मंगलवार की रात करीब 1:45 बजे रविंद्रपुरी पेट्रोल पंप के पास स्थित खाली प्लाट से मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों तक पहुंचने में सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कई बंद मकानों को बनाया निशाना
पूछताछ में आरोपियों ने जुलाई में रमना स्थित भागवत धाम कॉलोनी के एक बंद मकान में चोरी करने की बात स्वीकार की। इसके बाद अगस्त की शुरुआत में डाफी की श्यामनगर कॉलोनी में भी बंद मकान का ताला तोड़कर चोरी की। पुलिस के अनुसार इस घटना में मिले चांदी के आभूषणों को आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से एक अज्ञात व्यक्ति से पिघलवाकर सफेद धातु की सिल्ली बनवा दी।
आरोपियों ने बंगाली कॉलोनी भगवानपुर मोड़ और भेलूपुर की जानकी नगर कॉलोनी में भी बंद मकानों में चोरी करने की बात कबूली है। पूछताछ में चेतगंज क्षेत्र के जगतगंज में हुई चोरी की घटना में भी उनकी संलिप्तता सामने आई। इस वारदात में शामिल एक अन्य साथी के पहले ही पकड़े जाने की जानकारी भी पुलिस को मिली है।
नशे की लत ने बनाया चोर
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे नशे के आदी हैं। नशे की जरूरत और खर्च पूरा करने के लिए चोरी करते थे। चोरी किए गए जेवरात और अन्य सामान को राहगीरों या अन्य लोगों को बेचकर प्राप्त रकम आपस में बांट लेते थे। पुलिस के अनुसार अधिकांश रकम खाने-पीने और नशे में खर्च कर दी जाती थी। जिन घटनाओं में चोरी का सामान पहले ही खपाया जा चुका था, उसकी बरामदगी नहीं हो सकी।
चार मुकदमों से जुड़ी बरामदगी
पुलिस के अनुसार बरामद 50 हजार रुपये और सफेद धातु की सिल्लियां अलग-अलग मुकदमों से संबंधित हैं। लंका थाने के मुकदमा संख्या 352/2026 से 19 हजार, मुकदमा संख्या 399/2026 से दो हजार रुपये और एक सफेद धातु की सिल्ली तथा मुकदमा संख्या 418/2026 से 14 हजार रुपये बरामद किए गए। वहीं भेलूपुर थाने के मुकदमा संख्या 497/2026 से 15 हजार रुपये और सफेद धातु की एक बड़ी सिल्ली बरामद हुई। इसके अलावा चोरी की स्कूटी भी पुलिस ने कब्जे में ली है।
कई जिलों में दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ लंका, भेलूपुर, रोहनिया, सिगरा और लालपुर-पांडेयपुर समेत वाराणसी के कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं। गाजीपुर के मोहम्मदाबाद थाने में भी इनके खिलाफ मामले दर्ज बताए गए हैं। आरोपियों पर चोरी, घर में घुसकर चोरी, चोरी का सामान रखने या खपाने, मारपीट, धमकी और आर्म्स एक्ट जैसी धाराओं में मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। इनमें समीर सोनकर का आपराधिक इतिहास सबसे लंबा बताया गया है।
सीसीटीवी से खुला गिरोह का राज
लगातार बंद मकानों में हो रही चोरी की घटनाओं के बाद पुलिस टीम ने घटनास्थलों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। पर्याप्त सुराग मिलने के बाद घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को दबोच लिया गया।
कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक लंका राजकुमार और भेलूपुर पुलिस टीम के साथ उपनिरीक्षक सौरभ तिवारी, प्रिंस तिवारी, कृष्ण देव उपाध्याय, अनिल कुमार, राहुल जायसवाल, सैकी प्रसाद, किशन सोनी तथा सर्विलांस सेल के कांस्टेबल प्रशांत तिवारी और अश्विनी सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस ने तीनों के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है और गिरोह से जुड़ी अन्य चोरी की घटनाओं तथा चोरी का सामान खरीदने वालों के बारे में भी जांच की जा रही है।