वाराणसी : बाढ़ के बीच कोनिया पहुंचे विधायक, नाव से लिया हालात का जायजा, राहत शिविर में बच्चों में बांटा चॉकलेट और बिस्किट
वाराणसी। गंगा और वरुणा के बढ़ते जलस्तर के बीच बाढ़ की मार झेल रहे कोनिया में मंगलवार को शहर दक्षिणी विधायक एवं पूर्व मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी नाव से पहुंचे। जलमग्न इलाकों में घूमकर उन्होंने जमीनी हालात देखे और प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद कर उनकी परेशानियां जानीं। इसके बाद कोनिया के सुभाष चंद्र बोस प्राथमिक विद्यालय स्थित राहत शिविर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बच्चों से मिले तो उनके चेहरों पर मुस्कान लाने के लिए चॉकलेट, बिस्किट और फल बांटे।
नाव से पहुंचे बाढ़ प्रभावित इलाकों में, बढ़ाने को कहा नावों की संख्या
नाव से निरीक्षण के दौरान विधायक ने प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोगों की आवाजाही और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए जरूरत के अनुसार नावों की संख्या बढ़ाई जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बाढ़ प्रभावितों को आवागमन, भोजन, चिकित्सा या अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े। शासन की ओर से मिलने वाली सहायता प्राथमिकता के आधार पर जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाई जाए।
राहत शिविर में परखी भोजन-पानी और स्वास्थ्य व्यवस्था
सुभाष चंद्र बोस प्राथमिक विद्यालय में बने राहत शिविर में डॉ. तिवारी ने रह रहे लोगों से भोजन, पानी, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं की जानकारी ली। अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिविर में समय से भोजन और नाश्ता उपलब्ध कराया जाए। बच्चों के लिए दूध, फल और अन्य जरूरी खाद्य सामग्री की पर्याप्त व्यवस्था रखने को कहा। चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के साथ ही शौचालय, पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
बच्चों को बांटी चॉकलेट-फल, बोले- राहत कार्यों में नहीं आएगी कमी
राहत शिविर में बच्चों से बातचीत कर विधायक ने उनका हालचाल जाना और उन्हें चॉकलेट, बिस्किट एवं फल वितरित किए। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए शिविरों में नियमित सफाई और स्वच्छता सुनिश्चित की जाए। डॉ. तिवारी ने प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया कि दैवी आपदा की इस घड़ी में शासन-प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ उनके साथ है। बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के मुताबिक संसाधन बढ़ाए जाएंगे।