नोएडा की घटना के बाद वाराणसी में प्रशासन अलर्ट, मजदूरों के विरोध-प्रदर्शन के मद्देनजर श्रम कार्यालय के बाहर रही कड़ी सुरक्षा, एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने संभाली कमान
वाराणसी। नोएडा में हाल ही में हुए मजदूरों के बड़े विरोध प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश सरकार पहले से ही सतर्क हो गई थी। इसी क्रम में प्रदेश भर में मजदूर संगठनों द्वारा घोषित आंदोलन के तहत गुरुवार को हर जिले के श्रम कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन की योजना बनाई गई थी। वाराणसी में भी इस आह्वान को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए। किसी भी प्रकार के विरोध को रोकने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने सुरक्षा की कमान संभाल रखी थी।
सुबह से ही वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने शहर के प्रमुख स्थानों पर नाकेबंदी कर दी थी। खासतौर पर नाटी इमली स्थित लेबर कॉलोनी चौराहा स्थित श्रम विभाग का कार्यालय के बाहर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। संभावित प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था।
मजदूर संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ता श्रम कार्यालय तक पहुंचने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें पहले ही रोक लिया। प्रशासन की ओर से श्रम विभाग कार्यालय को चारों ओर से घेर लिया गया था, जिससे कोई भी प्रदर्शनकारी वहां तक नहीं पहुंच सका। मौके पर एडिशनल पुलिस कमिश्नर शिव हरी मीणा, पुलिस उपायुक्त काशी गौरव बांसवाल समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत रैपिड रिस्पांस फोर्स (RRF), पीएसी और पांच से अधिक थानों की पुलिस को लगाया गया था। इसके अलावा, कई मजदूर नेताओं और संगठन के पदाधिकारियों को एहतियातन नजरबंद भी किया गया, ताकि वे प्रदर्शन में शामिल न हो सकें।
एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मजदूर संगठनों द्वारा किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी, जिसके चलते उनके प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को रोका गया। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है, इसलिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए।