वाराणसी : केजीबीवी में विषयवार खराब प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों पर होगी कार्रवाई, डीएम ने समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश
वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने जिले की शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में विषयवार खराब प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही शिक्षा विभाग के अंतर्गत निर्धारित 19 मानकों पर सभी विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने और प्रत्येक स्कूल में फर्नीचर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला शिक्षा एवं परियोजना समिति, बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने नए शैक्षणिक सत्र की तैयारियों और विभागीय योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में छात्र नामांकन, विद्यालयों में फर्नीचर की व्यवस्था, निपुण प्लस स्पॉट असेसमेंट, नव भारत साक्षरता अभियान, विद्यार्थियों की उपस्थिति, दिव्यांग बच्चों के मेडिकल प्रमाण पत्र, केजीबीवी में नामांकन, मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति सहित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने जिन विकासखंडों में छात्र नामांकन अपेक्षाकृत कम है, वहां के खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को विशेष अभियान चलाकर नामांकन बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। केजीबीवी में विषयवार कमजोर परिणाम देने वाले शिक्षकों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके।
बैठक में दिव्यांग बच्चों के मेडिकल प्रमाण पत्र जारी करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि बिना उचित कारण के कोई भी आवेदन लंबित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने पीएम श्री योजना के तहत विद्यालयों में कराए जा रहे निर्माण एवं विकास कार्यों की गुणवत्ता की नियमित निगरानी करने के लिए संबंधित बीईओ को जिम्मेदारी सौंपी। इसके अलावा मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय एवं मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सेवापुरी के बाराडीह स्थित सीएम मॉडल स्कूल में निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए वन विभाग से पेड़ों की कटाई की अनुमति लेकर मूल्यांकन और नीलामी की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग के 19 गुणवत्ता मानकों के अनुरूप जिले के सभी विद्यालयों में आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों में पर्याप्त फर्नीचर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण वातावरण मिल सके। साथ ही प्रत्येक छात्र का नियमित शैक्षणिक मूल्यांकन कर उसे निपुण बनाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। जिन विद्यालयों में मूल्यांकन की प्रगति कम है, वहां इसके कारणों की समीक्षा कर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
उन्होंने निपुण प्लस ऐप के माध्यम से विद्यार्थियों का सही एवं पारदर्शी आकलन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निपुण लक्ष्य की प्राप्ति में पिछड़े हरहुआ और काशी विद्यापीठ विकासखंडों के बीईओ को विशेष सुधारात्मक कार्रवाई करने को कहा। इसके अलावा सभी अकादमिक संसाधन व्यक्तियों (एआरपी) को नियमित रूप से विद्यालयों का भ्रमण कर शिक्षकों को शैक्षणिक सहयोग एवं मार्गदर्शन देने तथा कम प्रगति वाले विद्यालयों में निरीक्षण की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस), बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।