वाराणसी : व्यापार में धोखाधड़ी से टूट चुके व्यवसायी ने गंगा में कूदकर दी जान, सुसाइड नोट में बयां किया दर्द

आर्थिक दबाव और व्यापार में हुए बड़े धोखाधड़ी के चलते मानसिक तनाव से जूझ रहे बड़ादेव निवासी और हिमांशु इलेक्ट्रॉनिक्स के संचालक सुरेन्द्र केशरी ने मंगलवार को गंगा नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना दशाश्वमेध घाट पर हुई, जहां वह अपने कर्मचारी के साथ नियमित स्नान के लिए पहुंचे थे। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। जल पुलिस की मदद से पुलिस ने शव बरामद करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। 
 

वाराणसी। आर्थिक दबाव और व्यापार में हुए बड़े धोखाधड़ी के चलते मानसिक तनाव से जूझ रहे बड़ादेव निवासी और हिमांशु इलेक्ट्रॉनिक्स के संचालक सुरेन्द्र केशरी ने मंगलवार को गंगा नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना दशाश्वमेध घाट पर हुई, जहां वह अपने कर्मचारी के साथ नियमित स्नान के लिए पहुंचे थे। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। जल पुलिस की मदद से पुलिस ने शव बरामद करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। 

सुरेंद्र के कर्मचारी ने बताया कि उन्होंने ने उसे सामान लाने के लिए भेजा और उसी दौरान अचानक गंगा में कूद पड़े। घटना के तुरंत बाद उनके दामाद आशीष टंडन ने पुलिस को सूचना दी। स्थानीय पुलिस और जल पुलिस ने तुरंत रेस्क्यू अभियान चलाया, लेकिन जब तक सुरेन्द्र केशरी को बाहर निकाला गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। परिजनों और व्यावसायिक जगत में इस घटना से गहरा शोक व्याप्त है।

घर में मिला सुसाइड नोट
बुधवार को पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मृतक के आवास पर विस्तृत जांच की। इस दौरान उनके कमरे से दो पन्नों का सुसाइड नोट मिला, जिसमें उन्होंने अपने व्यापार में हुई धोखाधड़ी, आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव का विस्तृत उल्लेख किया है। पुलिस के अनुसार सुरेन्द्र पिछले कुछ महीनों से अवसाद में थे और परिवार के लोगों ने भी उनके व्यवहार में स्पष्ट बदलाव महसूस किया था।

दामाद का आरोप, धोखाधड़ी ने टूट गए थे सुरेंद्र
दामाद आशीष टंडन ने बताया कि लाखों रुपये व्यापार में फंस जाने और भरोसेमंद लोगों द्वारा धोखा देने से वह पूरी तरह टूट चुके थे। उन्होंने बताया कि ‘‘कई दिनों से वह चुपचाप रहने लगे थे, किसी से बातचीत नहीं करते थे। आर्थिक नुकसान ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया था। परिजनों का कहना है कि लगातार तनाव और वित्तीय संकट ने उनके जीवन पर गहरा प्रभाव डाला था, जिसे वह बर्दाश्त नहीं कर सके।

पुलिस ने शुरू की जांच, धोखाधड़ी के एंगल पर फोकस
दशाश्वमेध थाना प्रभारी ने बताया कि बरामद सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। यदि नोट में दर्शाए गए आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। शव का पंचायतनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

व्यापारिक जगत में शोक और चिंता
सुरेन्द्र केशरी की मौत से स्थानीय व्यापारियों में गहरा शोक फैल गया। अनेक व्यापारियों ने कहा कि बढ़ते आर्थिक दबाव, अनियमित बाजार परिस्थितियों और बार-बार होने वाली धोखाधड़ी की घटनाओं के कारण तनाव बढ़ रहा है। समाज और प्रशासन को ऐसे मामलों में संवेदनशील होने और व्यापारियों को उचित सहयोग देने की जरूरत है, ताकि ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।