वाराणसी : राष्ट्रीय लोक अदालत में 31,348 वादों का निस्तारण, 19.84 करोड़ की वसूली

चालू वर्ष की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन शनिवार को जनपद न्यायालय परिसर में किया गया। इसका शुभारंभ जनपद न्यायाधीश संजीव शुक्ला ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान न्यायालय और प्रशासनिक विभागों के स्तर पर बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण किया गया।
 

प्रशासन एवं अन्य विभागों के 5.27 लाख मामलों का भी हुआ निस्तारण, आठ दंपती विवाद सुलझने के बाद साथ विदा हुए

वाराणसी। चालू वर्ष की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन शनिवार को जनपद न्यायालय परिसर में किया गया। इसका शुभारंभ जनपद न्यायाधीश संजीव शुक्ला ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान न्यायालय और प्रशासनिक विभागों के स्तर पर बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण किया गया।

जनपद न्यायालय वाराणसी में कुल 31,348 वादों का निस्तारण हुआ। इनमें कुल 8,34,24,789.44 रुपये की धनराशि की वसूली की गई। वहीं, प्रशासन एवं अन्य विभागों द्वारा 5,27,293 वादों का निस्तारण किया गया, जिसमें 11,50,36,210 रुपये की धनराशि की वसूली के लिए समझौता हुआ। इस प्रकार न्यायालय और प्रशासन के सभी विभागों में कुल 5,58,641 मामलों का निस्तारण हुआ और 19,84,60,999.44 रुपये की कुल वसूली की गई।

लोक अदालत समय बचाने का प्रभावी माध्यम : जनपद न्यायाधीश
उद्घाटन समारोह में जनपद न्यायाधीश संजीव शुक्ला ने कहा कि लोक अदालत ऐसा प्रभावी माध्यम बनकर उभरी है, जिसके जरिए बिना समय गंवाए गंभीर से गंभीर मामलों का भी निस्तारण कराया जा सकता है। उन्होंने एमवी एक्ट के चालान जमा करने के लिए पेमेंट सेतु एप का उपयोग करने तथा परिसर में विभिन्न स्थानों पर स्थापित हेल्प डेस्क की मदद लेने की अपील की।

पारिवारिक मामलों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि परिवार समाज की मूल इकाई है। न्यायालय की भूमिका केवल विवादों का निस्तारण करना नहीं, बल्कि पारिवारिक समरसता कायम करना भी है। न्यायालय का प्रयास परिवारों को जोड़ना होना चाहिए, न कि तोड़ना। इस अवसर पर परिवार न्यायालय ने वैवाहिक विवादों का समाधान कर आठ दंपतियों को न्यायालय परिसर से साथ विदा किया।

कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अहमद हुसैन अंसारी, पीठासीन अधिकारी मोटर दावा अधिकरण रामकेश, बनारस बार एसोसिएशन अध्यक्ष विनोद कुमार शुक्ला, सेंट्रल बार एसोसिएशन अध्यक्ष प्रेम प्रकाश गौतम, अपर जिला जज एवं राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी (न्यायिक) आलोक कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी एवं नोडल अधिकारी (प्रशासनिक) अजीत कुमार, यूनियन बैंक के एलडीएम अविनाश अग्रवाल, पूर्णकालिक सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजीव मुकुल पांडेय, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के जीएम बीएन सिंह सहित न्यायिक अधिकारी और बैंक कर्मचारी मौजूद रहे।