वाराणसी : बुद्ध विहार कॉलोनी में वीडीए की बड़ी कार्रवाई, नियम विरुद्ध संचालित 13 होटल एक साथ सील

विकास प्राधिकरण ने बुद्ध विहार आवासीय कॉलोनी में नियमों के विपरीत संचालित हो रहे होटलों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक साथ 13 होटलों को सील कर दिया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से होटल संचालकों में हड़कंप मच गया। वीडीए के अनुसार कई भवन स्वामियों ने आवासीय उपयोग के लिए मानचित्र स्वीकृत कराया था, लेकिन बाद में वहां व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करते हुए होटल चलाए जा रहे थे। कुछ स्थानों पर बिना मानचित्र स्वीकृति के भी होटल निर्माण और संचालन पाया गया।
 

वाराणसी। विकास प्राधिकरण ने बुद्ध विहार आवासीय कॉलोनी में नियमों के विपरीत संचालित हो रहे होटलों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक साथ 13 होटलों को सील कर दिया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से होटल संचालकों में हड़कंप मच गया। वीडीए के अनुसार कई भवन स्वामियों ने आवासीय उपयोग के लिए मानचित्र स्वीकृत कराया था, लेकिन बाद में वहां व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करते हुए होटल चलाए जा रहे थे। कुछ स्थानों पर बिना मानचित्र स्वीकृति के भी होटल निर्माण और संचालन पाया गया।

प्राधिकरण अधिकारियों के मुताबिक बुद्ध विहार एक आवासीय कॉलोनी है, जहां होटल संचालन के कारण स्थानीय लोगों को लगातार समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। क्षेत्र में अवैध पार्किंग, यातायात जाम, ध्वनि प्रदूषण और बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही बढ़ने से सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी बढ़ गई थीं। इसके अलावा सार्वजनिक सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा था तथा आपातकालीन परिस्थितियों में अग्निशमन और राहत वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका बनी हुई थी।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ होटल संचालकों ने सराय एक्ट की धारा 4/5 के तहत फर्जी और कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत कर लाइसेंस हासिल किया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए वीडीए ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए संबंधित होटलों को सील कर दिया। सील किए गए होटलों में होटल किरन पैलेस, होटल A-ZURE, होटल Four Leaf, होटल Xedic Roots, स्टे इन काशवी, होटल रियो बनारस, होटल Zion Inn, होटल पार्क प्लाजा, होटल सिल्क सिटी, होटल हॉलिडे इन, होटल स्कायर इन और Comfort in Banaras शामिल हैं।

वीडीए ने भवन स्वामियों को निर्देश दिया है कि वे उत्तर प्रदेश भवन निर्माण एवं विकास उपविधि-2025 के तहत निर्धारित मानकों, जैसे पर्याप्त पार्किंग, अग्नि सुरक्षा, सड़क की न्यूनतम चौड़ाई और भू-उपयोग की शर्तों का पालन करते हुए ही होटल उपयोग के लिए मानचित्र स्वीकृत कराएं। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि बिना सक्षम अनुमति के किसी भी प्रकार का होटल संचालन पूरी तरह अवैध माना जाएगा। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि किसी भी निर्माण या व्यावसायिक उपयोग से पहले नियमानुसार स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें, अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी।