वाराणसी : शरद पूर्णिमा पर शहीदों की याद में जगमगाए आकाशदीप, गंगा में 101 दीपों का दान
दशाश्वमेध घाट पर गंगोत्री सेवा समिति का आयोजन, पुलिस और पीएसी के 11 बलिदानी जवानों को दी गई श्रद्धांजलि, पीएसी बैंड की धुनों के बीच हुआ स्मरण
वाराणसी। देश और समाज की सुरक्षा के लिए कर्तव्य निभाते हुए प्राण न्योछावर करने वाले पुलिस और पीएसी के बलिदानी जवानों की स्मृति में शरद पूर्णिमा की शाम दशाश्वमेध घाट दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। गंगोत्री सेवा समिति की ओर से आयोजित वार्षिक कार्यक्रम में 11 बलिदानी जवानों के सम्मान में आकाशदीप प्रज्वलित किए गए। पीएसी बैंड की धुनों के बीच शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। चांदनी रात में बांस की टोकरियों में सजे आकाशदीप आकर्षण का केंद्र बने रहे। इस दौरान मां गंगा की धारा में 101 दीपों का दान भी किया गया।
कार्यक्रम में विशिष्टजनों ने बलिदानी जवानों के नामों का स्मरण कर उन्हें नमन किया। आकाशदीपों की रोशनी ने घाट पर श्रद्धा और सम्मान का वातावरण बना दिया। इससे पूर्व पांच वैदिक आचार्यों ने मां गंगा का षोडशोपचार पूजन किया।
कार्तिक मास में आकाशदीप प्रज्वलित करने की परंपरा
गंगोत्री सेवा समिति के अध्यक्ष पं. किशोरी रमण दुबे ने बताया कि कार्तिक मास में पुलिस और पीएसी के बलिदानी जवानों की स्मृति में गंगा तट पर आकाशदीप जलाए जाते हैं। मान्यता है कि ये दीप दिवंगत आत्माओं के मार्ग को आलोकित करते हैं। दीपदान की यह परंपरा शहीदों के प्रति समाज की श्रद्धा और कृतज्ञता का प्रतीक है।
इन बलिदानी जवानों को किया नमन
कार्यक्रम में उपनिरीक्षक मोहित कुमार, उपनिरीक्षक सत्यभान सिंह, आरक्षी अशोक कुमार, आरक्षी प्रदीप कुमार, फायर सर्विस चालक तीरथपाल, फायरमैन आरक्षी रोहित, आरक्षी जितेंद्र कुमार, उपनिरीक्षक रहमत अली, उपनिरीक्षक संतोष कुमार यादव, आरक्षी रवनीश कुमार और आरक्षी निशांत चौधरी को श्रद्धांजलि दी गई।
आयोजन में समिति के सचिव दिनेश शंकर दुबे, कन्हैया त्रिपाठी, गंगेश्वरधर दुबे सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन नमामि गंगे के संयोजक राजेश शुक्ला ने किया।