वाराणसी में चलेगा टीकाकरण अभियान : 20 से 30 अप्रैल तक बच्चों को लगेगा TD-DPT टीका, 5 से 16 साल तक के बच्चों के लिए स्कूलों में चलेंगे विशेष टीकाकरण सत्र

वाराणसी। जनपद में बच्चों और किशोरों को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए टीडी (टेटनस-डिप्थीरिया) और डीपीटी (डिप्थीरिया, काली खांसी, टेटनस) टीकाकरण अभियान को तेज कर दिया गया है। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने वर्चुअल बैठक कर अधिकारियों को निर्देश दिया कि 20 से 30 अप्रैल के बीच चलने वाले इस अभियान में शत-प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए।
 

वाराणसी। जनपद में बच्चों और किशोरों को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए टीडी (टेटनस-डिप्थीरिया) और डीपीटी (डिप्थीरिया, काली खांसी, टेटनस) टीकाकरण अभियान को तेज कर दिया गया है। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने वर्चुअल बैठक कर अधिकारियों को निर्देश दिया कि 20 से 30 अप्रैल के बीच चलने वाले इस अभियान में शत-प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए।

स्कूलों में चलेंगे विशेष टीकाकरण सत्र
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह अभियान स्कूल आधारित होगा, जिसमें 20, 21, 23, 24, 27, 28 और 30 अप्रैल को विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में विद्यालयों और मदरसों के बच्चों को टीके लगाए जाएंगे, जिससे अधिक से अधिक बच्चों तक पहुंच बनाई जा सके।

किन बच्चों को लगेगा कौन सा टीका
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश प्रसाद ने बताया कि 5 से 6 वर्ष के बच्चों को डीपीटी टीका दिया जाएगा, जबकि 10 वर्ष और 16 वर्ष के बच्चों को टीडी का डोज लगाया जाएगा। यह टीके बच्चों को डिप्थीरिया, काली खांसी और टेटनस जैसी गंभीर बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करते हैं।

हर सत्र में 100 से ज्यादा बच्चों का लक्ष्य
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एस.एस. कन्नौजिया ने जानकारी दी कि प्रत्येक सत्र में करीब 100 से 125 बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा। इसके लिए सभी स्कूलों में माइक्रोप्लान तैयार किया जा रहा है ताकि कोई भी बच्चा छूटने न पाए।

जागरूकता और समन्वय पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि शिक्षा विभाग के साथ समन्वय बनाकर अभिभावकों की सहमति और जागरूकता सुनिश्चित की जाए। बैनर, पोस्टर और अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि लोगों को टीकाकरण के महत्व के बारे में जानकारी मिल सके।

नियमित मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग के निर्देश
अभियान की प्रगति पर नजर रखने के लिए यू-विन पोर्टल पर नियमित रिपोर्टिंग के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग मिलकर लक्ष्य को समय पर पूरा करें।

बैठक में रहे ये अधिकारी मौजूद
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी और शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल थे। सभी को मिलकर इस अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए गए।

बच्चों की सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम
यह अभियान न सिर्फ बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि जनपद को पूरी तरह टीकाकृत बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।