पीएम सूर्य घर योजना में उत्तर प्रदेश की बड़ी उपलब्धि, वाराणसी को देश में शीर्ष स्थान दिलाने की तैयारी, ऊर्जा मंत्री ने की समीक्षा
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश ने देशभर में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री डॉ. ए.के. शर्मा ने वाराणसी के सर्किट हाउस में पीएम सूर्य घर योजना की समीक्षा की। वाराणसी को देश में शीर्ष स्थान दिलाने के लिए मंथन किया गया। ऊर्जा मंत्री ने ऊर्जा की बचत के लिए सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) द्वारा घोषित राष्ट्रीय पुरस्कारों में उत्तर प्रदेश ने चार में से तीन श्रेणियों में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि प्रदेश में पीएम सूर्य घर योजना के सफल संचालन और सभी संबंधित विभागों, अधिकारियों, बैंकों तथा वेंडर्स के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
उन्होंने बताया कि वाराणसी में आयोजित समीक्षा बैठक में योजना की वर्तमान स्थिति और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। वर्तमान में पीएम सूर्य घर योजना के क्रियान्वयन में वाराणसी देशभर में 11वें स्थान पर है। सरकार का लक्ष्य इसे पहले स्थान तक पहुंचाना है, जिसके लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जा रही है। मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में वाराणसी इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति करेगा।
सौर ऊर्जा क्षेत्र में रोजगार सृजन के प्रयासों पर भी विशेष जोर दिया गया। ऊर्जा मंत्री ने हनुमंत रिन्यूएबल्स द्वारा संचालित “सोलर दीदी” और “सोलर सखी” पहल की सराहना करते हुए कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। कंपनी द्वारा महिलाओं को 14 हजार रुपये से अधिक मासिक वेतन पर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा यूपी नेडा और डूडा ने प्रत्येक सोलर इंस्टॉलेशन पर सोलर दीदियों को अतिरिक्त एक हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है।
डॉ. शर्मा ने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना केवल बिजली बिल कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि अतिरिक्त बिजली उत्पादन के माध्यम से लोगों की आय बढ़ाने का भी माध्यम बन रही है। प्रदेश के लाखों परिवार इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं और उनके बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आई है।
बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन 20 से 21 घंटे तथा शहरी क्षेत्रों में लगभग 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। आंधी-तूफान जैसी प्राकृतिक परिस्थितियों में यदि कहीं बिजली व्यवस्था प्रभावित होती है तो विभागीय टीमें तत्काल मरम्मत कर आपूर्ति बहाल करने में जुट जाती हैं।