छह माह में पूरे होंगे वाराणसी के नगरीय पेयजल और सीवरेज के काम, मंडलायुक्त ने परियोजना की समीक्षा की, दिए निर्देश 

जल जीवन मिशन और नमामि गंगे के तहत चल रही पेयजल, सीवरेज एवं अन्य परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने के लिए प्रशासन ने कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मंडलायुक्त एस. राजलिंगम की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित समीक्षा बैठक में नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों की परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
 

वाराणसी। जल जीवन मिशन और नमामि गंगे के तहत चल रही पेयजल, सीवरेज एवं अन्य परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने के लिए प्रशासन ने कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मंडलायुक्त एस. राजलिंगम की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित समीक्षा बैठक में नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों की परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक में उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) के प्रबंध निदेशक मासूम अली सरवर, उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के प्रबंध निदेशक योगेश कुमार, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल समेत मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

वाराणसी के सभी वार्डों में बढ़ेगी काम की रफ्तार
नगरीय क्षेत्र में चल रही पेयजल, सीवरेज और नमामि गंगे से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने सभी वार्डों में कार्यों को आगामी छह माह के भीतर पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि काम की गति बढ़ाने के लिए प्रत्येक वार्ड में कम से कम 90 से 100 मैनपावर की तैनाती सुनिश्चित की जाए। संबंधित अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग करते हुए गुणवत्ता के साथ कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराएं।

ग्रामीण योजनाओं की तय हुई समयसीमा
ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान पूर्णता के आधार पर अलग-अलग समयसीमा निर्धारित की गई। 90 प्रतिशत से अधिक पूर्ण योजनाओं को दिसंबर 2026 तक, 50 प्रतिशत से अधिक पूर्ण योजनाओं को जनवरी 2027 और 50 प्रतिशत पूर्ण योजनाओं को मार्च 2027 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए। शेष योजनाओं में भी कार्यों की गति बढ़ाकर प्राथमिकता के आधार पर काम पूरा कराने को कहा गया।


अक्टूबर में बनेगी रोड रेस्टोरेशन की कार्ययोजना
ग्रामीण क्षेत्रों में लंबित रोड रेस्टोरेशन कार्यों को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने कहा कि बरसात समाप्त होते ही अक्टूबर में कार्ययोजना तैयार कर सभी लंबित रोड रेस्टोरेशन कार्यों को दो माह के भीतर पूरा कराया जाए। उन्होंने फील्ड स्तर पर नियमित अनुश्रवण और प्रभावी मॉनिटरिंग पर जोर दिया। अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्यों में आ रही बाधाओं का तत्काल समाधान कर गुणवत्ता के साथ परियोजनाएं पूरी कराने के निर्देश दिए।