UP College गोलीकांड: पूरी तैयारी के साथ आया था आरोपी, पिस्टल लेकर पहुंचा और बरसाईं गोलियां

उदय प्रताप कॉलेज (यूपी कॉलेज) में छात्र सूर्य प्रताप सिंह की हत्या के मामले में पुलिस जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। गिरफ्तार आरोपी मंजीत सिंह चौहान ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि वह पूरी तैयारी के साथ कॉलेज पहुंचा था और उसकी मंशा शुरू से ही हत्या करने की थी। हालिया विवाद और घटना वाले दिन सुबह हुई मारपीट ने उसके अंदर गुस्सा भर दिया था, जिसके बाद उसने इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया।
 

- सिर और सीने में दागी गोलियां, सरेआम घटना को दिया अंजाम
 

- इंस्टाग्राम पर खुद को ‘मंजीत माफिया’ बताता था आरोपी छात्र
 

- पुरानी रंजिश और सुबह की पिटाई बनी हत्या की वजह

रिपोर्ट: ओमकारनाथ 


वाराणसी। उदय प्रताप कॉलेज (यूपी कॉलेज) में छात्र सूर्य प्रताप सिंह की हत्या के मामले में पुलिस जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। गिरफ्तार आरोपी मंजीत सिंह चौहान ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि वह पूरी तैयारी के साथ कॉलेज पहुंचा था और उसकी मंशा शुरू से ही हत्या करने की थी। हालिया विवाद और घटना वाले दिन सुबह हुई मारपीट ने उसके अंदर गुस्सा भर दिया था, जिसके बाद उसने इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया।

सोशल मीडिया पर दिखाता था दबंगई, खुद को बताता था ‘मंजीत माफिया’
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी मंजीत सिंह अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर खुद को दबंग और प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में पेश करता था। हत्या से एक दिन पहले उसने इंस्टाग्राम स्टोरी पर अपनी तस्वीर साझा करते हुए ‘मंजीत माफिया’ लिखा था और साथ में पिस्टल की इमोजी भी लगाई थी। उसकी प्रोफाइल पर अपलोड फोटो, कैप्शन और टैगलाइन में अक्सर मनबढ़ई और दबंगई का प्रदर्शन दिखाई देता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पहले भी शिवपुर थाना में मारपीट का एक मुकदमा दर्ज है। इससे यह स्पष्ट होता है कि वह पहले से ही आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है।

सीने और सिर में मारी गोलियां 

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने अत्यंत क्रूरता के साथ वारदात को अंजाम दिया। उसने सूर्य प्रताप सिंह के सीने में पहले दो गोलियां मारीं। जब वह जमीन पर गिर गया, तब आरोपी ने उसके सिर में दो और गोलियां दाग दीं, ताकि उसकी मौत सुनिश्चित हो सके।

घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस को खून के धब्बों के साथ 32 बोर के दो खोखे बरामद हुए हैं। वहीं फर्श पर देसी पिस्टल से निकला एक स्प्रिंग भी पड़ा मिला, जिससे आशंका जताई जा रही है कि फायरिंग के दौरान तमंचे का स्प्रिंग बाहर निकल गया था। इसके अलावा सीढ़ी के पास एक जिंदा कारतूस और भवन के पिछले हिस्से में कचरे में फेंकी गई पिस्टल भी बरामद की गई है।

वर्चस्व की लड़ाई में आमने-सामने थे दो गुट
पुलिस पूछताछ में आरोपी मंजीत ने बताया कि घटना वाले दिन सुबह सूर्य प्रताप सिंह और उसके दोस्तों ने उसकी पिटाई की थी। आरोप है कि हाथ में पहने कड़े से उसके सिर पर वार किया गया था, जिससे वह बेहद आक्रोशित हो गया।

जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से वर्चस्व को लेकर टकराव चलता आ रहा था। मंजीत का स्थानीय युवकों के साथ एक अलग गुट था, जबकि सूर्य प्रताप सिंह हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के समूह का नेतृत्व करता था। दोनों गुटों के बीच पहले भी कई बार झड़प और मारपीट की घटनाएं हो चुकी थीं।

शराब पीकर लौटा, फिर पिस्टल लेकर पहुंचा कॉलेज
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि सुबह हुई पिटाई के बाद वह गुस्से में घर से निकला और अपने साथियों को पास के शराब ठेके पर बुलाया। जब उसके साथी वहां नहीं पहुंचे, तो वह अकेले ही शराब पीने लगा। इसके बाद वह घर लौटा और वहां से पिस्टल उठाकर सीधे कॉलेज पहुंच गया।

कॉलेज के कमरा नंबर 8 के पास मौजूद कुछ छात्रों ने जब उसकी ओर देखकर शर्ट की बांह मोड़ने पर ताना मारा, तो विवाद और बढ़ गया। इसी दौरान आरोपी ने अचानक असलहा निकाल लिया और सूर्य प्रताप सिंह के पीछे दौड़ पड़ा। मुख्य गेट के पास पहुंचते ही उसने ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं, जिससे छात्र की मौत हो गई।

पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) और शिवपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपी को सेंट्रल जेल रोड क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।