राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण पर वाराणसी में अनोखा विरोध, हनुमान मंदिर में प्रार्थना-पत्र देकर बड़े आरोपियों पर कार्रवाई की मांग

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में कथित चढ़ावा में घपलेबाजी के मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी का दौर जारी है। इसी क्रम में नेशनल इक्वल पार्टी के संयोजक शशि प्रताप ने वाराणसी में एक अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कचहरी स्थित हनुमान मंदिर पहुंचकर भगवान हनुमान के चरणों में एक प्रार्थना-पत्र अर्पित किया और कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण में बड़े नामों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
 

वाराणसी। अयोध्या के श्रीराम मंदिर में कथित चढ़ावा में घपलेबाजी के मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी का दौर जारी है। इसी क्रम में नेशनल इक्वल पार्टी के संयोजक शशि प्रताप ने वाराणसी में एक अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कचहरी स्थित हनुमान मंदिर पहुंचकर भगवान हनुमान के चरणों में एक प्रार्थना-पत्र अर्पित किया और कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण में बड़े नामों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।

शशि प्रताप ने कहा कि मामले में अब तक केवल छोटे स्तर के लोगों पर कार्रवाई होती दिखाई दे रही है, जबकि वास्तविक जिम्मेदार लोगों तक जांच नहीं पहुंच रही है। उन्होंने प्रार्थना-पत्र के माध्यम से प्रतीकात्मक रूप से बजरंगबली से प्रार्थना की कि इस पूरे प्रकरण में शामिल दोषियों की पहचान हो और उन्हें उचित दंड मिले।

उन्होंने विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच आवश्यक है। उनका आरोप था कि यदि बड़े स्तर पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है, तो इससे आम लोगों का विश्वास प्रभावित होगा। इसी कारण उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से भगवान हनुमान के दरबार में न्याय की गुहार लगाई।

शशि प्रताप ने कहा कि उनका यह कदम धार्मिक आस्था के साथ-साथ जनभावनाओं को सामने रखने का प्रयास है। उनका कहना था कि मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाया गया दान पूरी पारदर्शिता के साथ सुरक्षित रहना चाहिए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो उसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए।

उल्लेखनीय है कि श्रीराम मंदिर के कथित चढ़ावा चोरी मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) जांच कर रही है। जांच के दौरान कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी की जा चुकी है और मामले की पड़ताल जारी है। हालांकि विपक्षी दल लगातार इस मुद्दे को उठाकर सरकार से निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।