वाराणसी पहुंचे केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, बोले- राहुल गांधी के आरोपों से भाजपा को नहीं होगा नुकसान, मोदी का नेतृत्व मजबूत
वाराणसी। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने शनिवार को वाराणसी के सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस और उसके वरिष्ठ नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी संविधान की बात तो करते हैं, लेकिन उन्हें संविधान की मूल भावना और प्रावधानों की पूरी जानकारी नहीं है।
अठावले ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान संविधान बदलने के नाम पर कांग्रेस ने व्यापक स्तर पर नकारात्मक प्रचार किया, जिसका उसे कुछ राजनीतिक लाभ अवश्य मिला। हालांकि, इसके बावजूद कांग्रेस केंद्र में सरकार बनाने की स्थिति में नहीं पहुंच सकी। उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी आज भी देश की सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नेतृत्व देश के किसान, गरीब, महिला और युवा वर्ग के हितों को प्राथमिकता देने वाला नेतृत्व है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को सत्ता से हटाना आसान नहीं है, क्योंकि उन्हें देशभर में व्यापक जनसमर्थन प्राप्त है और उनकी सरकार मजबूत जनादेश के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार विकास और जनकल्याण की नीतियों के आधार पर आगे बढ़ रही है।
नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के मुद्दे पर अठावले ने कहा कि केंद्र सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रही है। उन्होंने बताया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की निगरानी में मामले की जांच और कार्रवाई जारी है। दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को अनुचित बताते हुए कहा कि समस्या का समाधान इस्तीफा नहीं, बल्कि दोषियों को कड़ी सजा देना है।
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर प्रतिक्रिया मांगे जाने पर, जिसमें उन्होंने भविष्य में “बुर्के वाली प्रधानमंत्री” बनने की संभावना जताई थी, अठावले ने कहा कि देश की राजनीतिक परिस्थितियां ऐसी नहीं हैं कि किसी एक समुदाय के वोटों के आधार पर प्रधानमंत्री चुना जा सके। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में व्यापक जनसमर्थन ही सत्ता तक पहुंचने का आधार होता है।
अठावले ने दोहराया कि केंद्र सरकार पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के मामलों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है तथा ऐसे मामलों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।