मिर्जामुराद में दो हादसे : मोपेड की टक्कर से महिला सिपाही समेत दो घायल, करंट से किसान की मौत

मिर्जामुराद में गुरुवार दोपहर अनियंत्रित मोपेड की चपेट में आने से महिला सिपाही प्रतिभा समेत दो लोग घायल हो गए। वहीं, कल्लीपुर गांव में टुल्लू पंप ठीक करते समय करंट की चपेट में आने से किसान अरुण उपाध्याय उर्फ ट्विंकल कुमार उपाध्याय (40) की मौत हो गई। दोनों घटनाओं के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
 

वाराणसी। मिर्जामुराद में गुरुवार दोपहर अनियंत्रित मोपेड की चपेट में आने से महिला सिपाही प्रतिभा समेत दो लोग घायल हो गए। वहीं, कल्लीपुर गांव में टुल्लू पंप ठीक करते समय करंट की चपेट में आने से किसान अरुण उपाध्याय उर्फ ट्विंकल कुमार उपाध्याय (40) की मौत हो गई। दोनों घटनाओं के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी का माहौल रहा।

महिला सिपाही को मोपेड ने मारी टक्कर
मिर्जामुराद थाने में तैनात महिला सिपाही प्रतिभा गुरुवार दोपहर ड्यूटी समाप्त करने के बाद पैदल अपने निजी कमरे पर लौट रही थीं। इसी दौरान गौर गांव निवासी शंकर गुप्ता टीवीएस मोपेड से बाजार की ओर जा रहे थे। बाजार के मुख्य मार्ग के पास अचानक मोपेड का संतुलन बिगड़ गया और सड़क किनारे चल रही महिला सिपाही को टक्कर मार दी।

टक्कर लगने से महिला सिपाही और मोपेड चालक दोनों सड़क पर गिरकर घायल हो गए। हादसे के बाद आसपास के दुकानदार और राहगीर मौके पर जुट गए। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और दोनों घायलों को नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

टुल्लू पंप ठीक करते समय करंट से किसान की मौत
दूसरी घटना कल्लीपुर गांव की है। गुरुवार दोपहर किसान अरुण उपाध्याय उर्फ ट्विंकल कुमार उपाध्याय खेत में टुल्लू पंप ठीक कर रहे थे। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गए। परिजन उन्हें तत्काल भदवर स्थित हेरिटेज हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

अरुण की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। शव घर पहुंचते ही पत्नी, बच्चों और मां समेत परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सूचना पर मिर्जामुराद पुलिस मौके पर पहुंची और पोस्टमार्टम कराने की बात कही, लेकिन परिजनों ने इसे हादसा बताते हुए पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। बाद में पुलिस ने मौके पर पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिया। अरुण तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थे और खेती कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं।