सुसवाही में निर्माणाधीन अपार्टमेंट की खुदाई के दौरान हादसा, 40 फीट गहरे बेसमेंट में धंसे दो मकानों के हिस्से

लगातार हो रही मानसूनी बारिश के बीच लंका थाना क्षेत्र के सुसवाही इलाके में गुरुवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। निर्माणाधीन अपार्टमेंट के लिए खोदे गए लगभग 40 फीट गहरे बेसमेंट के गड्ढे में दो मकानों के हिस्से अचानक धंस गए। हादसे के समय सभी लोग अपने-अपने घरों में मौजूद थे, लेकिन समय रहते सुरक्षित बाहर निकल जाने से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और आसपास के लोग अपने मकानों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
 

वाराणसी। लगातार हो रही मानसूनी बारिश के बीच लंका थाना क्षेत्र के सुसवाही इलाके में गुरुवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। निर्माणाधीन अपार्टमेंट के लिए खोदे गए लगभग 40 फीट गहरे बेसमेंट के गड्ढे में दो मकानों के हिस्से अचानक धंस गए। हादसे के समय सभी लोग अपने-अपने घरों में मौजूद थे, लेकिन समय रहते सुरक्षित बाहर निकल जाने से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और आसपास के लोग अपने मकानों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

सूचना मिलते ही डायल-112 और लंका थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने निर्माण कार्य से जुड़े तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही निर्माण कार्य की वैधता और सुरक्षा मानकों के पालन की भी जांच की जा रही है।

चार महीने से चल रहा था अपार्टमेंट का निर्माण
स्थानीय निवासी बृजेश राय ने बताया कि उनके मकान के समीप पिछले करीब चार महीनों से "शिवोहम" नामक अपार्टमेंट का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके लिए लगभग 40 फीट गहरा बेसमेंट खोदा गया था। लगातार बारिश के चलते गड्ढे में काफी मात्रा में पानी भर गया था, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रखा गया।

बृजेश राय के अनुसार, गुरुवार रात करीब एक बजे तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। बाहर निकलकर देखा तो उनके मकान का मुख्य गेट और दीवार का बड़ा हिस्सा गहरे गड्ढे में समा चुका था। इसी दौरान पड़ोसी मायाशंकर के मकान की एक दीवार भी भरभराकर ढह गई। अचानक हुए इस हादसे से पूरे परिवार में दहशत फैल गई।

पहले भी जताई गई थी आशंका
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी। गहरे बेसमेंट की खुदाई के दौरान आसपास के मकानों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक तकनीकी उपाय नहीं किए गए। लोगों ने पहले भी संभावित खतरे को लेकर निर्माण एजेंसी और प्रशासन को अवगत कराया था, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

 

लगातार बारिश से मिट्टी कमजोर हो गई और बेसमेंट में पानी भरने के कारण जमीन धंसने लगी, जिससे दोनों मकानों के हिस्से गड्ढे में समा गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यही हादसा दिन के समय होता, तो बड़ी जनहानि हो सकती थी।

पुलिस और प्रशासन ने शुरू की जांच
लंका थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। निर्माण कार्य से जुड़े तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं तथा बेसमेंट की खुदाई के दौरान निर्धारित सुरक्षा और तकनीकी मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

हादसे के बाद आसपास के लोगों में भय का माहौल है। उन्होंने प्रशासन से निर्माण कार्य तत्काल रुकवाने, विशेषज्ञों से तकनीकी जांच कराने और प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर निर्माण कंपनी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।