बीएचयू प्रवेश परीक्षा के बाद लंका क्षेत्र में यातायात व्यवस्था चरमराई, जाम और अव्यवस्था से जूझे छात्र-अभिभावक

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से संबद्ध कक्षा 9वीं और 11वीं की प्रवेश परीक्षाओं के दौरान शनिवार को उस समय स्थिति बिगड़ गई, जब 11वीं गणित विषय की परीक्षा समाप्त होते ही हजारों की संख्या में परीक्षार्थी और उनके अभिभावक एक साथ बाहर निकल पड़े। अचानक बढ़ी भीड़ ने विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के प्रमुख मार्गों को पूरी तरह जाम कर दिया। भीषण गर्मी और उमस के बीच घंटों तक फंसे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
 

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से संबद्ध स्कूलों की कक्षा 9वीं और 11वीं की प्रवेश परीक्षाओं के दौरान शनिवार को उस समय स्थिति बिगड़ गई, जब 11वीं गणित विषय की परीक्षा समाप्त होते ही हजारों की संख्या में परीक्षार्थी और उनके अभिभावक एक साथ बाहर निकल पड़े। अचानक बढ़ी भीड़ ने विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के प्रमुख मार्गों को पूरी तरह जाम कर दिया। भीषण गर्मी और उमस के बीच घंटों तक फंसे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

परीक्षा समाप्त होने के बाद बीएचयू परिसर से लेकर महिला महाविद्यालय, रविदास गेट, नगवा चौराहा और नदिया गेट तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति यह थी कि कई स्थानों पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। धूप की तपिश और गर्म हवाओं के बीच छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक खुद को बचाने के लिए गमछा, छाता और पानी का सहारा लेते नजर आए। कई लोग दो से तीन घंटे तक जाम में फंसे रहे, जिससे छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई।

इस दौरान अभिभावकों में अव्यवस्था को लेकर काफी नाराजगी देखने को मिली। उनका कहना था कि इतनी बड़ी परीक्षा के आयोजन के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन और जिला प्रशासन की ओर से समुचित यातायात व्यवस्था नहीं की गई। कई जगहों पर ट्रैफिक पुलिस की अनुपस्थिति के कारण स्थिति और बिगड़ गई। लोगों का आरोप था कि यदि पहले से योजना बनाकर यातायात का प्रबंधन किया जाता तो इस तरह की समस्या से बचा जा सकता था।

भीड़ और अव्यवस्था के बीच कुछ अभिभावकों ने विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों के व्यवहार पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि कुछ सुरक्षाकर्मी हाथों में डंडा लेकर लोगों से अभद्र व्यवहार कर रहे थे, जो कि अनुचित है। अभिभावकों का कहना था कि यहां छात्र परीक्षा देने आए हैं, ऐसे में सुरक्षाकर्मियों को संयम और संवेदनशीलता के साथ पेश आना चाहिए।

इसके अलावा, मौके का फायदा उठाते हुए कुछ ऑटो और टोटो चालकों द्वारा मनमाना किराया वसूलने की शिकायतें भी सामने आईं। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि सामान्य दिनों की तुलना में दोगुना तक किराया लिया जा रहा था। इतना ही नहीं, कई मामलों में अधिक पैसे देने से इनकार करने पर सवारियों को बीच रास्ते में उतार दिया गया, जिससे बाहर से आए लोगों को और अधिक परेशानी उठानी पड़ी।

जानकारी के अनुसार, इस प्रवेश परीक्षा में अन्य जिलों और प्रदेशों से भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी वाराणसी पहुंचे थे। अचानक बढ़ी भीड़ और यातायात व्यवस्था के अभाव में उन्हें सबसे ज्यादा कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि आगामी परीक्षाओं के दौरान बेहतर ट्रैफिक प्लानिंग, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि इस तरह की अव्यवस्था दोबारा न हो।