BHU में ‘थ्रू द लेंस’ राष्ट्रीय छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ, 250 से अधिक प्रविष्टियों में चुनी गईं 139 कृतियां
विश्व फोटोग्राफी दिवस पर आयोजित प्रदर्शनी में 64 चयनित तस्वीरों के बड़े प्रिंट प्रदर्शित, 21 अगस्त तक कला प्रेमियों के लिए खुली रहेगी प्रदर्शनी
वाराणसी। विश्व फोटोग्राफी दिवस-2026 के अवसर पर काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के दृश्य कला संकाय स्थित अहीवासी कला वीथिका में मंगलवार को राष्ट्रीय छायाचित्र प्रदर्शनी एवं रचनात्मक समागम का भव्य शुभारंभ हुआ। व्यवहारिक कला विभाग की ओर से आयोजित प्रदर्शनी का शीर्षक ‘थ्रू द लेंस’ रखा गया है। प्रदर्शनी में देश के विभिन्न हिस्सों से प्राप्त तस्वीरों के माध्यम से जीवन, संस्कृति, परंपरा और समाज के विविध रंगों को प्रस्तुत किया गया है।
प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्य अतिथि बीएचयू के कुलसचिव डॉ. राजन श्रीवास्तव और बनारस के प्रख्यात फोटोग्राफर अमिताभ अग्रवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता दृश्य कला संकाय की संकाय प्रमुख प्रोफेसर उत्मा दीक्षित ने की। अतिथियों ने फीता काटकर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया और प्रदर्शित छायाचित्रों का अवलोकन कर कलाकारों की रचनात्मकता की सराहना की।
कार्यक्रम की शुरुआत व्यवहारिक कला विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर मनीष अरोड़ा के स्वागत संबोधन से हुई। प्रदर्शनी के समन्वयक एवं सहायक प्राध्यापक कृष्णा सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर की इस प्रदर्शनी के लिए देशभर से 250 से अधिक प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं। जूरी के माध्यम से इनमें से 139 उत्कृष्ट प्रविष्टियों का चयन किया गया। इनमें से 64 तस्वीरों के बड़े प्रिंट तैयार कर प्रदर्शनी में प्रमुखता से लगाए गए हैं।
फोटोग्राफी विज्ञान और कला का संगम
संकाय प्रमुख प्रोफेसर उत्मा दीक्षित ने कहा कि व्यवहारिक कला विभाग की ओर से किया गया यह प्रयास सराहनीय है। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता और व्यावहारिक कौशल को निखारने का अवसर मिलता है।
मुख्य अतिथि डॉ. राजन श्रीवास्तव ने प्रदर्शनी में शामिल तस्वीरों की सराहना करते हुए कहा कि कृतियों में बनारस की लोक-संस्कृति, परंपराओं और देश के विभिन्न अंचलों की विविधता दिखाई देती है। उन्होंने विद्यार्थियों और पेशेवर फोटोग्राफरों की सहभागिता को उत्साहवर्धक बताया। उन्होंने यह भी साझा किया कि फोटोग्राफी में उनकी व्यक्तिगत रुचि रही है और प्रदर्शनी में उनकी दो तस्वीरें भी शामिल हैं।
विशिष्ट अतिथि अमिताभ अग्रवाल ने विद्यार्थियों को फोटोग्राफी के तकनीकी और रचनात्मक पक्षों को गंभीरता से समझने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि फोटोग्राफी केवल शौक नहीं, बल्कि विज्ञान और कला का संगम है। निरंतर अभ्यास और तस्वीरों के साथ संवाद के जरिए विद्यार्थी इस क्षेत्र में बेहतर मुकाम हासिल कर सकते हैं।
21 अगस्त तक देख सकेंगे प्रदर्शनी
प्रदर्शनी 21 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और आम लोगों के लिए खुली रहेगी। उद्घाटन के बाद पहले ही दिन बड़ी संख्या में दर्शकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
इस अवसर पर प्रोफेसर जसविंदर कौर, प्रोफेसर ब्रह्मस्वरूप, डॉ. ललित मोहन सोनी, डॉ. सुरेश चंद्र जांगिड़, डॉ. महेश सिंह, डॉ. मिथुन दत्ता, साहिब राम टुडू, सृष्टि प्रजापति, सुरेश के नायर, मनीष खत्री समेत शिक्षक, शोधार्थी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। अंत में वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक डॉ. आशीष कुमार गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापित किया।