काशी में तीन दिन ओडिशा पर्व का होगा आयोजन, ओडिशा के नृत्य-संगीत से लेकर शिल्प और व्यंजनों तक दिखेगी विरासत
22 से 24 अगस्त तक दीनदयाल हस्तकला संकुल में होगा ‘ओडिशा पर्व’, ओडिसी, गोटीपुआ और पाइका अखाड़ा होंगे आकर्षण
वाराणसी। गंगा महोत्सव और देव दीपावली की तैयारियों के बीच काशी में ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का रंग भी देखने को मिलेगा। ओडिशा सरकार के भाषा, साहित्य एवं संस्कृति विभाग के सहयोग से 22 से 24 अगस्त तक दीनदयाल हस्तकला संकुल स्थित ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर में तीन दिवसीय ‘ओडिशा पर्व’ आयोजित किया जाएगा। सुबह 11 बजे से रात 10 बजे तक चलने वाले आयोजन में ओडिशा के शास्त्रीय, लोक और जनजातीय नृत्य-संगीत के साथ हस्तशिल्प, हथकरघा और पारंपरिक खानपान की झलक मिलेगी।
आयोजकों के अनुसार, ओडिशा पर्व का उद्देश्य काशी आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों और स्थानीय लोगों को राज्य की कला, संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा और लोक विरासत से परिचित कराना है। एक ही परिसर में नृत्य, संगीत, शिल्प और खानपान की विविधता लोगों को ओडिशा की संस्कृति को करीब से जानने का अवसर देगी।
ओडिसी से पाइका अखाड़ा तक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
कार्यक्रम में ओडिशा के प्रसिद्ध ओडिसी, गोटीपुआ और संबलपुरी नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके अलावा पाइका अखाड़ा, घुमरा, डेमसा और घड़घड़ी जैसी लोक एवं जनजातीय प्रस्तुतियां भी होंगी। पारंपरिक वेशभूषा और वाद्ययंत्रों के साथ होने वाली प्रस्तुतियों में ओडिशा की लोककथाओं, आध्यात्मिक परंपरा, वीरता और जनजातीय संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।
लाइव क्राफ्ट डेमो में दिखेगा कारीगरों का हुनर
ओडिशा के विशिष्ट हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। जीआई टैग प्राप्त उत्पादों और पारंपरिक डिजाइनों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। मास्टर आर्टिजनों की ओर से लाइव क्राफ्ट डेमोंस्ट्रेशन किया जाएगा, जिससे आगंतुक शिल्प तैयार करने की प्रक्रिया को प्रत्यक्ष देख सकेंगे।
कारीगरों से संवाद कर उनकी तकनीक और परंपरागत शिल्प विधियों की जानकारी लेने का अवसर भी मिलेगा। प्रदर्शनी में उत्पादों की बिक्री के जरिए कारीगरों को संभावित खरीदारों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
छेना पोड़ा समेत मिलेंगे पारंपरिक व्यंजन
ओडिशा के खानपान की झलक भी आयोजन में मिलेगी। फूड स्टॉल के साथ लाइव कुकिंग डेमोंस्ट्रेशन होंगे। इनमें पारंपरिक और जनजातीय व्यंजनों को तैयार करने की विधि दिखाई जाएगी। छेना पोड़ा समेत ओडिशा के कई लोकप्रिय व्यंजन आगंतुकों को उपलब्ध होंगे।
गंगा महोत्सव की तैयारियां भी तेज
इधर, काशी में 20 से 23 नवंबर तक प्रस्तावित गंगा महोत्सव और 24 नवंबर को होने वाली देव दीपावली की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। मंडलायुक्त एस. राजलिंगम की अध्यक्षता में सर्किट हाउस में हुई बैठक में आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की गई।
मंडलायुक्त ने स्थानीय कलाकारों और काशी सांसद सांस्कृतिक महोत्सव के विजयी प्रतिभागियों को गंगा महोत्सव में अवसर देने के निर्देश दिए। राजघाट को प्रमुख आयोजन स्थल बनाया जाएगा, जबकि नमो घाट और राजघाट पर अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
घाटों की सफाई से सुरक्षा तक तैयारी
गंगा महोत्सव से पहले प्रमुख घाटों की सिल्ट सफाई, प्रकाश, सजावट, सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, बिजली, पेयजल, चिकित्सा और अग्निशमन व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख घाटों और होटलों में ओडीओपी स्टॉल लगाने की योजना भी है, ताकि पर्यटकों को स्थानीय उत्पादों और काशी की कला-शिल्प से परिचित कराया जा सके।
मंडलायुक्त ने विभागों के बीच समन्वय बनाकर समय से तैयारियां पूरी करने और पर्यटकों व श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देने को कहा। बैठक में डीएम सत्येंद्र कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और गंगा घाट समितियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।