बरेका गुमटी मार्केट में चोरों का धावा, एक दर्जन से अधिक प्रतिष्ठानों में चोरी, मचा हड़कंप
वाराणसी। बरेका स्थित गुमटी मार्केट में मंगलवार को चोरों ने एक साथ कई प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर सनसनी फैला दी। शुरुआती जांच में करीब 12 से 13 दुकानों में चोरी की पुष्टि हुई है, जबकि लगभग 25 दुकानों के पीछे लगे टिन शेड उखड़े मिले हैं। घटना की जानकारी होते ही व्यापारियों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चोरों ने दुकानों के पीछे लगे टिन शेड को उठाकर अंदर दाखिल होने का रास्ता बनाया। इसके बाद कई प्रतिष्ठानों में रखे सामान को खंगाला गया। मौके पर पहुंचे एसीपी अवधेश विश्वकर्मा ने बताया कि शुरुआती तौर पर आठ से दस प्रतिष्ठानों में चोरी की आशंका सामने आई थी। हालांकि, दुकानदारों के पहुंचने और शिकायत दर्ज कराने के बाद चोरी प्रभावित प्रतिष्ठानों की संख्या बढ़कर 12 से 13 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। चोरी गए सामान और उसकी कीमत का आकलन किया जा रहा है।
सीसीटीवी कैमरों को ढकने का आरोप
बरेका व्यापार मंडल के संरक्षक अध्यक्ष रमेश सिंह ने बताया कि मार्केट में पिछले कुछ दिनों से चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उनके मुताबिक 12 और 13 सितंबर को भी तीन दुकानों में चोरी हुई थी और इसकी जानकारी प्रशासन को दी गई थी। इसके बावजूद घटनाओं पर प्रभावी रोक नहीं लग सकी।
व्यापार मंडल के अनुसार मंगलवार को करीब 25 दुकानों के टिन शेड उखड़े मिले। कई जगह सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरों के साथ भी छेड़छाड़ की गई। आरोप है कि कुछ कैमरों को कपड़े और गिलास से ढक दिया गया, ताकि चोरों की गतिविधियां रिकॉर्ड न हो सकें। इससे व्यापारियों ने वारदात के योजनाबद्ध होने की आशंका जताई है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
व्यापार मंडल ने मार्केट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि इस संबंध में पहले भी प्रशासन और रेलवे अधिकारियों को अवगत कराया गया था। व्यापारियों की सुरक्षा के लिए रेलवे मंत्री को भी ज्ञापन दिया जा चुका है। इसके बावजूद लगातार चोरी की घटनाएं होने से व्यापारियों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।
व्यापारियों ने गुमटी मार्केट में पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात करने, रात में नियमित पुलिस और सुरक्षा गश्त बढ़ाने तथा सभी सीसीटीवी कैमरों की तकनीकी जांच कर उन्हें प्रभावी बनाने की मांग की है। साथ ही घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग उठाई। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य बिंदुओं की जांच कर रही है। दुकानदारों की लिखित शिकायत और चोरी गए सामान के विवरण के आधार पर नुकसान का वास्तविक आंकड़ा स्पष्ट होगा।