दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती में मोबाइल चोरी करने वाला शातिर चोर गिरफ्तार, 6 महंगे फोन बरामद

अपराध और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दशाश्वमेध पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों और गंगा आरती के दौरान मोबाइल चोरी करने वाले एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से चोरी के छह महंगे मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब पांच लाख रुपये बताई जा रही है।
 

वाराणसी। अपराध और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दशाश्वमेध पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों और गंगा आरती के दौरान मोबाइल चोरी करने वाले एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से चोरी के छह महंगे मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब पांच लाख रुपये बताई जा रही है।

एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी व प्रभारी निरीक्षक थाना दशाश्वमेध के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने बुधवार को मान महल घाट क्षेत्र से अभियुक्त को गिरफ्तार किया। इस संबंध में थाना दशाश्वमेध पर मु0अ0सं0 01/2026 धारा 317(2), 317(5) बीएनएस के तहत मुकदमा पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही की जा रही है। 

पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वह कानपुर, रायबरेली, वाराणसी सहित अन्य शहरों में त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मोबाइल चोरी करता है। चोरी किए गए मोबाइल फोन को वह एल्युमिनियम की पन्नी में लपेट देता था, जिससे नेटवर्क गायब हो जाता था और फिर उन्हें अन्य लोगों को बेच देता था। 

अभियुक्त ने स्वीकार किया कि बरामद किए गए सभी छह मोबाइल फोन उसने गंगा आरती के दौरान आरती देखने आए श्रद्धालुओं से चोरी किए थे। नए साल के अवसर पर भी वह दर्शनार्थियों का मोबाइल चोरी करने की योजना बना रहा था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे दबोच लिया। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान ओम कुमार महतो पुत्र विक्रम नोनिया, निवासी ग्राम तीन पहाड़, थाना राजमहल, जिला साहेबगंज (झारखंड) के रूप में हुई है। 

अभियुक्त के खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें कानपुर और रायबरेली जनपदों में मोबाइल चोरी और अन्य धाराओं में मुकदमे शामिल हैं। पुलिस द्वारा बरामद मोबाइल फोन में चार एप्पल और दो सैमसंग कंपनी के मोबाइल शामिल हैं। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक सुनील कुमार गुप्ता, उपनिरीक्षक अनुजमणि तिवारी, शिवस्वरूप पाण्डेय, रवि सिंह, कांस्टेबल धनराज, उपेन्द्र शाह और देवेन्द्र प्रताप सिंह शामिल रहे।