वाराणसी में बढ़ रहा गंगा का जलस्तर, दशाश्वमेध की गंगा आरती का स्थान बदला, अब 15 फीट पीछे होगी आरती 

गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसके चलते दशाश्वमेध घाट की विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती के स्थान में परिवर्तन किया गया है। आरती अब अपने निर्धारित स्थल से 15 फीट पीछे होगी। घाट पर आरती के लिए लगाए गए छतरियों और पाइप को भी हटा दिया गया है। शनिवार को गंगा का जलस्तर 63.3 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि, यह अभी चेतावनी बिंदु से काफी नीचे है।
 

वाराणसी। गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसके चलते दशाश्वमेध घाट की विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती के स्थान में परिवर्तन किया गया है। आरती अब अपने निर्धारित स्थल से 15 फीट पीछे होगी। घाट पर आरती के लिए लगाए गए छतरियों और पाइप को भी हटा दिया गया है। शनिवार को गंगा का जलस्तर 63.3 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि, यह अभी चेतावनी बिंदु से काफी नीचे है।

गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्र ने बताया कि जिस स्थान पर नियमित रूप से गंगा आरती आयोजित होती थी, वह अब पानी में डूब चुका है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आयोजन की व्यवस्था को देखते हुए आरती स्थल को निर्धारित स्थान से करीब 15 फीट पीछे किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गंगा का जलस्तर जिस गति से बढ़ेगा, उसी के अनुसार आरती स्थल को भी आगे पीछे किया जाता रहेगा।

उन्होंने बताया कि शनिवार को गंगा आरती के संस्थापक पंडित सत्येंद्र मिश्र की पुण्यतिथि भी मनाई गई। गंगा सेवा निधि से जुड़े लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और गंगा आरती की परंपरा को आगे बढ़ाने में उनके योगदान को याद किया।

गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर काशी के घाटों पर भी दिखाई देने लगा है। शहर के 84 घाटों का आपसी संपर्क टूट गया है। कई घाटों की सीढ़ियों तक पानी पहुंचने के कारण घाटों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। प्रशासन और संबंधित संस्थाओं की ओर से जलस्तर की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।