वाराणसी में बढ़ रहा गंगा का जलस्तर, तीन सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से वृद्धि, मानसूनी बारिश का असर, फिलहाल खतरे से निशान से काफी नीचे गंगा

पूर्वांचल और गंगा के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही मानसूनी बारिश का असर अब वाराणसी में भी साफ दिखाई देने लगा है। पिछले दो दिनों में गंगा का जलस्तर करीब साढ़े पांच फीट बढ़ गया है। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के अनुसार बुधवार सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर 59.94 मीटर दर्ज किया गया और इसमें लगभग तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि हो रही है। हालांकि राहत की बात यह है कि गंगा अभी भी अलर्ट प्वाइंट 70.262 मीटर और खतरे के निशान 71.262 मीटर से काफी नीचे बह रही हैं। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन सावधानी जरूरी है। 
 

वाराणसी। पूर्वांचल और गंगा के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही मानसूनी बारिश का असर अब वाराणसी में भी साफ दिखाई देने लगा है। पिछले दो दिनों में गंगा का जलस्तर करीब साढ़े पांच फीट बढ़ गया है। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के अनुसार बुधवार सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर 59.94 मीटर दर्ज किया गया और इसमें लगभग तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि हो रही है। हालांकि राहत की बात यह है कि गंगा अभी भी अलर्ट प्वाइंट 70.262 मीटर और खतरे के निशान 71.262 मीटर से काफी नीचे बह रही हैं। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन सावधानी जरूरी है। 

गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही 84 घाटों पर इसका असर दिखाई देने लगा है। कई घाटों की निचली सीढ़ियां पानी में डूबने लगी हैं। घाटों पर मौजूद नाविक अपनी नावों को सुरक्षित स्थानों पर बांधने और उनकी मरम्मत व रखरखाव में जुट गए हैं। वहीं, तीर्थ पुरोहित भी अपनी चौकियों को ऊंचे स्थानों पर स्थानांतरित कर रहे हैं, ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में किसी प्रकार का नुकसान न हो।

गंगा पार क्षेत्र में लगे आधा दर्जन से अधिक अस्थायी गोमती (ढाबे और दुकानें) जलमग्न हो गई हैं। इसके अलावा नदी की तेज धारा के साथ बड़ी मात्रा में जलकुंभी, कूड़ा-कचरा और अन्य अपशिष्ट भी बहकर घाटों तक पहुंच रहे हैं। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को गंगा स्नान करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि दशाश्वमेध, अस्सी, राजेंद्र प्रसाद और नमो घाट सहित प्रमुख घाटों पर पूजा-अर्चना, गंगा स्नान और विश्वप्रसिद्ध गंगा आरती का क्रम फिलहाल सामान्य रूप से जारी है।

प्रशासन ने नाविकों, क्रूज संचालकों और घाटों पर तैनात कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन, सिंचाई विभाग और केंद्रीय जल आयोग की टीमें चौबीसों घंटे गंगा के जलस्तर की निगरानी कर रही हैं। आयोग के अनुसार गंगा के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश के चलते जलस्तर में वृद्धि हो रही है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से नदी के किनारे अनावश्यक जोखिम न लेने, गहरे पानी में न उतरने तथा सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। फिलहाल बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है, लेकिन लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।