वाराणसी में फिर बढ़ रहा गंगा का जलस्तर, 3.6 सेंटीमीटर प्रति घंटा की वृद्धि, घाटों का आपसी संपर्क टूटा

काशी में गंगा के जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि ने घाटों पर हालात बदल दिए हैं। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक रविवार की सुबह जलस्तर 3.6 सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा था। जलस्तर 64.58 मीटर रिकॉर्ड किया गया। कई घाटों के बीच आवागमन का पारंपरिक रास्ता भी पानी में समा गया है। गंगा में बड़ी मात्रा में जलकुंभी आने से नाविकों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।
 

वाराणसी। काशी में गंगा के जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि ने घाटों पर हालात बदल दिए हैं। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक रविवार की सुबह जलस्तर 3.6 सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा था। जलस्तर 64.58 मीटर रिकॉर्ड किया गया। कई घाटों के बीच आवागमन का पारंपरिक रास्ता भी पानी में समा गया है। गंगा में बड़ी मात्रा में जलकुंभी आने से नाविकों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।

बढ़ते जलस्तर का असर धार्मिक आयोजनों पर भी पड़ने लगा है। असि घाट पर गंगा आरती के पुराने स्थल तक पानी पहुंचने के बाद आरती का स्थान ऊपर की सीढ़ियों पर स्थानांतरित किया जा रहा है। आरती स्थल पर लगी छतरियों को हटाया जा रहा है। आरती का मंच भी पानी में डूब जाने के बाद उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है।

घाटों पर आवाजाही प्रभावित
गंगा का पानी लगातार ऊपर आने से कई घाटों की सीढ़ियां डूबती जा रही हैं। एक घाट से दूसरे घाट तक जाने वाले रास्ते बंद हो गए हैं। घाट किनारे रहने वाले लोगों और धार्मिक आयोजनों से जुड़े लोगों ने भी सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ प्रशासन और जल पुलिस की निगरानी भी बढ़ गई है।

नाविकों ने ऊंचाई पर बांधी नावें
जलस्तर बढ़ने के बाद नाविक अपनी नावों को ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर बांधने लगे हैं। नाविक आकाश निषाद ने बताया कि एक दिन में गंगा का पानी करीब पांच से छह फीट बढ़ा है। इसके साथ जलकुंभी भी तेजी से बहकर आ रही है। फिलहाल सावधानी के साथ नौका संचालन किया जा रहा है। यदि पानी इसी गति से बढ़ा तो जल पुलिस की ओर से नौका संचालन पर रोक लगाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि बाढ़ के दौरान नाविकों और गंगा आरती से जुड़े लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। जलस्तर बढ़ते ही नावों, मंच, छतरियों और अन्य सामान को ऊंचाई पर ले जाना पड़ता है।

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार वाराणसी में गंगा का चेतावनी स्तर 70.26 मीटर और खतरे का स्तर 71.26 मीटर है। जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए घाट किनारे रहने वाले लोगों में चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग ने भी 17 से 19 अगस्त के बीच वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है। बारिश जारी रहने पर गंगा के जलस्तर में और वृद्धि की आशंका है।