बीएचयू फायरिंग मामले में विश्वविद्यालय ने गठित की पांच सदस्यीय जांच कमेटी, आरोपी छात्र होंगे डिबार, दर्ज होगी नामजद FIR
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के परिसर में छात्र और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई फायरिंग की घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। पूरे मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि घटना में शामिल पाए जाने वाले छात्रों को डिबार किया जाएगा और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
रात में हुई थी फायरिंग की घटना
जानकारी के अनुसार, रात के समय कैंपस में कुछ छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच विवाद हो गया, जिसके बाद फायरिंग की घटना सामने आई। बताया गया कि आपसी रंजिश और बाहरी तत्वों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। चीफ प्रॉक्टर कार्यालय को रात करीब 9:20 बजे घटना की सूचना मिली थी, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई की गई।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही जांच टीम
जांच समिति कैंपस में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। विशेष रूप से सिंहद्वार और अन्य प्रवेश द्वारों के आसपास की गतिविधियों की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। प्रशासन का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोषियों को चिन्हित किया जाएगा।
दोषी पाए जाने पर होगी सख्त कार्रवाई
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले में शामिल किसी भी छात्र को बख्शा नहीं जाएगा। दोष सिद्ध होने पर संबंधित छात्रों को विश्वविद्यालय से डिबार किया जाएगा। साथ ही उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई के तहत एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था की होगी समीक्षा
घटना के बाद विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है। मुख्य प्रवेश द्वारों पर निगरानी और कड़ी की जाएगी तथा संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाएगी। अधिकारियों ने कहा है कि कैंपस में शांति और अनुशासन बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पुलिस और प्रशासन की संयुक्त जांच
विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ पुलिस भी मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।