पिछले साल मार्च का रिकॉर्ड टूटा, बरेका ने जुलाई में 65 विद्युत रेल इंजनों का उत्पादन कर बनाया नया रिकॉर्ड, बरेका ने कर्मियों की मेहनत और योगदान को सराहा
वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) ने उत्पादन के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए जुलाई 2026 में एक ही माह के दौरान 65 विद्युत रेल इंजनों का निर्माण कर अपना अब तक का सर्वोच्च मासिक उत्पादन रिकॉर्ड स्थापित किया है। यह उपलब्धि बरेका के इतिहास में किसी भी वित्तीय वर्ष के दौरान एक माह में किया गया सबसे अधिक रेल इंजन उत्पादन है। इस नए कीर्तिमान के साथ बरेका ने मार्च 2025 में बनाए गए 61 इंजनों के अपने ही पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
जुलाई माह में निर्मित 65 विद्युत रेल इंजनों में भारतीय रेल के लिए 44 अत्याधुनिक डब्ल्यूएजी-9एचसी (WAG-9HC) मालवाहक विद्युत रेल इंजन, 13 डब्ल्यूएपी-7 (WAP-7) यात्री विद्युत रेल इंजन तथा 8 अमृत भारत विद्युत रेल इंजन शामिल हैं। इन इंजनों का निर्माण निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप किया गया। अधिकारियों के अनुसार यह उपलब्धि बरेका की उन्नत तकनीक, आधुनिक विनिर्माण प्रणाली और कर्मचारियों की समर्पित कार्यशैली का परिणाम है।
बरेका ने स्थापना से लेकर अब तक कुल 11,445 रेल इंजनों का निर्माण किया है, जिनमें 3,109 विद्युत रेल इंजन शामिल हैं। लगातार बढ़ती उत्पादन क्षमता के कारण बरेका भारतीय रेल के आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। देश में बढ़ती रेल सेवाओं और माल परिवहन की आवश्यकताओं को पूरा करने में भी इस उत्पादन का विशेष योगदान माना जा रहा है।
वैश्विक स्तर पर भी बरेका अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। 'मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड' की अवधारणा को साकार करते हुए कारखाना अब तक 11 देशों को 182 रेल इंजनों का निर्यात कर चुका है। इनमें मोजाम्बिक, म्यांमार, श्रीलंका, सूडान, तंजानिया, बांग्लादेश, माली, सेनेगल, अंगोला, वियतनाम और मलेशिया जैसे देश शामिल हैं। इससे भारतीय रेल इंजन निर्माण तकनीक की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी स्वीकार्यता बढ़ी है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता पूरी टीम की मेहनत, समर्पण, उत्कृष्ट कार्य संस्कृति और सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि बरेका वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए रेल मंत्रालय द्वारा निर्धारित 468 विद्युत रेल इंजनों के उत्पादन लक्ष्य को भी निर्धारित समय से पहले और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करेगा। बरेका की यह उपलब्धि न केवल वाराणसी बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। यह सफलता भारतीय रेल के आधुनिकीकरण, 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को गति देने और भारत को वैश्विक रेल विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।