पुलिस कमिश्नर ने चौकाघाट से लहरतारा तक किया पैदल गश्त, यातायात व्यवस्था का जाना हाल, अफसरों को दिए कड़े निर्देश 

बढ़ती ट्रैफिक समस्या को लेकर पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने सख्त रुख अपनाते हुए जमीनी स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार देर शाम उन्होंने पुलिस बल के साथ चौकाघाट से लहरतारा तक मुख्य मार्ग पर पैदल गश्त कर यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। मौके पर ही अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
 

वाराणसी। बढ़ती ट्रैफिक समस्या को लेकर पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने सख्त रुख अपनाते हुए जमीनी स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार देर शाम उन्होंने पुलिस बल के साथ चौकाघाट से लहरतारा तक मुख्य मार्ग पर पैदल गश्त कर यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। मौके पर ही अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने जाम के प्रमुख कारणों की पहचान करते हुए बताया कि शहर में ट्रैफिक सुधार के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत जाम से प्रभावित 10 प्रमुख रूट चिन्हित किए गए हैं, जहां रोजाना पुलिस अधिकारियों द्वारा पैदल गश्त कर निगरानी रखी जाएगी। इस कदम का उद्देश्य यातायात को सुचारु और नियंत्रित बनाना है।

अतिक्रमण को जाम की बड़ी वजह मानते हुए कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि सड़कों और फुटपाथों पर अवैध कब्जा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी, जिससे सड़कें खाली रहें और यातायात बाधित न हो। इसके साथ ही अवैध कट्स (Illegal Cuts) को भी चिन्हित कर बंद कराने के निर्देश दिए गए हैं। कमिश्नर ने कहा कि ये कट्स अक्सर दुर्घटनाओं और ट्रैफिक जाम का कारण बनते हैं, इसलिए इन्हें तत्काल प्रभाव से खत्म करना जरूरी है।

सड़कों की खराब स्थिति को भी जाम की एक अहम वजह बताते हुए उन्होंने संबंधित विभागों लोक निर्माण विभाग और नगर निगम वाराणसी के साथ समन्वय स्थापित कर मरम्मत कार्य तेजी से कराने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गड्ढों और खराब सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाए। शहर में ऑटो और ई-रिक्शा संचालन को व्यवस्थित करने के लिए QR/बारकोड सिस्टम भी लागू किया गया है। कमिश्नर के अनुसार, अब उन्हीं वाहनों को संचालन की अनुमति होगी, जिन्हें बारकोड आवंटित किया गया है। बिना परमिट या बिना बारकोड के चलने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

इस पैदल गश्त का एक उद्देश्य नए भर्ती कांस्टेबलों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देना भी रहा। उन्हें फील्ड में ट्रैफिक नियंत्रण, आमजन से संवाद और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के गुर सिखाए जा रहे हैं। पुलिस आयुक्त ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य शहरवासियों को जाम से राहत दिलाना और उन्हें कम समय में सुरक्षित तरीके से गंतव्य तक पहुंचाना है। उनकी इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में वाराणसी की ट्रैफिक व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।