जलभराव और बाढ़ से निपटने को नगर निगम ने तेज की तैयारी, वरुणा किनारे बनेंगे फ्लड पिलर, सीवर बैकफ्लो रोकने की होगी व्यवस्था

लगातार बारिश और गंगा-वरुणा में बढ़ते जलस्तर के बीच नगर निगम ने जलभराव और बाढ़ से निपटने के लिए स्थायी इंतजामों की कवायद तेज कर दी है। वरुणा नदी के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ के दौरान सीवर के बैकफ्लो को रोकने के लिए फ्लड पिलर बनाए जाएंगे। वहीं, बारिश के साथ बहकर आने वाले कचरे से जाम होने वाले गली पिट की नियमित सफाई पर जोर दिया गया है। जलभराव की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए 24 घंटे सक्रिय रहने वाला अलग कंट्रोल रूम भी बनाए जाने की तैयारी है। 
 

बाढ़ और बारिश के दौरान जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नगर निगम ने स्थायी समाधान पर जोर दिया

गली पिट की नियमित सफाई, 85 पंपों की निगरानी और 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम की तैयारी

वाराणसी। लगातार बारिश और गंगा-वरुणा में बढ़ते जलस्तर के बीच नगर निगम ने जलभराव और बाढ़ से निपटने के लिए स्थायी इंतजामों की कवायद तेज कर दी है। वरुणा नदी के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ के दौरान सीवर के बैकफ्लो को रोकने के लिए फ्लड पिलर बनाए जाएंगे। वहीं, बारिश के साथ बहकर आने वाले कचरे से जाम होने वाले गली पिट की नियमित सफाई पर जोर दिया गया है। जलभराव की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए 24 घंटे सक्रिय रहने वाला अलग कंट्रोल रूम भी बनाए जाने की तैयारी है। 

विवेका नगर में कच्चा नाला होगा पक्का
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने नवविस्तारित क्षेत्रों और आदिविश्वेश्वर वार्ड के निरीक्षण के दौरान जलनिकासी की खामियों को देखा। चितईपुर की विवेका नगर कॉलोनी में कच्चे नाले को पक्का करने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। पंचकोशी, सुसुवाही और वैष्णो नगर का पानी इसी कच्चे नाले से होकर अस्सी नाले में गिरता है। नाले में झाड़ियां और कूड़ा जमा होने से पानी की निकासी बाधित हो रही है। 

तीन इलाकों में नई ड्रेनेज पाइपलाइन
अमरा, बरसोहा और सुरभि नगर में जलनिकासी व्यवस्था सुधारने के लिए नई ड्रेनेज पाइपलाइन बिछाने की तैयारी है। अधिकारियों को जलभराव वाले स्थान चिह्नित कर जरूरत के अनुसार पाइपलाइन बिछाने और उचित कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि बारिश के दौरान केवल पानी निकालने के बजाय ऐसे स्थायी इंतजाम किए जाएं, जिससे भविष्य में दोबारा जलभराव की समस्या न हो। 

85 पंपों से निकाला जा रहा पानी, रोज होगी निगरानी
निचले इलाकों से पानी निकालने के लिए नगर निगम ने 85 पंप लगाए हैं। इनके संचालन की प्रतिदिन निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, जलभराव वाले क्षेत्रों में मच्छरों की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा का छिड़काव कराने को भी कहा गया है। गली पिट की सफाई में लापरवाही मिलने पर संबंधित सहायक अभियंता और अवर अभियंताओं की जवाबदेही तय की जाएगी। 

बीएचयू-लंका क्षेत्र में स्थायी समाधान की तैयारी
बीएचयू अस्पताल क्षेत्र में जलभराव के स्थायी समाधान के लिए बीएचयू प्रशासन के सहयोग से स्टॉर्म वाटर योजना तैयार की जा रही है। सीएंडडीएस से प्रस्तावित नाले की ड्राइंग और डिजाइन मांगी गई है। महापौर ने बीएचयू और लंका क्षेत्र में तेलियाबाग मार्ग की तर्ज पर जलभराव का स्थायी समाधान तलाशने के निर्देश दिए हैं।

वरुणा में पलट प्रवाह से बढ़ी चिंता
गंगा का जलस्तर बढ़ने पर वरुणा में पलट प्रवाह का असर तटवर्ती इलाकों में दिखाई दे रहा है। ऐसे में सीवर लाइन में नदी का पानी वापस आने की समस्या को रोकने के लिए फ्लड पिलर की योजना को अहम माना जा रहा है। प्रशासन और नगर निगम की ओर से जलभराव वाले क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।