रतजगा पर गुलजार रहा काशी का बाजार, जलेबी की दुकानों पर उमड़ी भीड़
महंगाई के बीच भी पर्व का उत्साह बरकरार, बड़ी जलेबियां खरीदने को मड़े खरीदार
शहर से गांव तक सुबह से देर शाम तक मिठाई की दुकानों पर रही चहल-पहल
परिवार और परिचितों के साथ लोगों ने जलेबी खिलाकर मनाया पर्व
लंका, भेलूपुर, दुर्गाकुंड, रथयात्रा, कामाख्या, चौकाघाट और कैंट के बाजारों में रही भीड़
सेवापुरी, कपसेठी, कालिकाधाम, मिर्जामुराद, राजातालाब समेत ग्रामीण बाजार भी रहे गुलजार
दुकानों पर सुबह से देर तक कड़ाहियों में छनती रहीं गरमा-गरम जलेबियां
बड़े आकार की जलेबियां बनीं बच्चों और राहगीरों के लिए खास आकर्षण
खाद्य सामग्री की बढ़ी कीमतों का कारोबार पर पड़ा असर, फिर भी खरीदारी में कमी नहीं
वाराणसी। काशी के शहरी और ग्रामीण इलाकों में रविवार को रतजगा पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पर्व पर जलेबी खाने और खिलाने की परंपरा के चलते सुबह से ही मिठाई की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ जुटने लगी। बाजारों में जगह-जगह कड़ाहियों में छनती गरमा-गरम जलेबियों की खुशबू वातावरण में घुलती रही। कई दुकानदारों ने पर्व को देखते हुए सामान्य दिनों की तुलना में अधिक मात्रा में जलेबी तैयार की।
शहर के लंका, भेलूपुर, दुर्गाकुंड, रथयात्रा, कामाख्या, चौकाघाट और कैंट सहित प्रमुख बाजारों में दिनभर चहल-पहल बनी रही। कहीं छोटी और कुरकुरी जलेबियों की मांग रही तो कई दुकानों पर बड़े आकार की जलेबियां ग्राहकों के आकर्षण का केंद्र बनीं। कड़ाही से निकलने के बाद इन बड़ी जलेबियों को दुकान के सामने सजाया गया, जिन्हें देखने के लिए राहगीर भी रुकते नजर आए।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्व का खासा उत्साह देखने को मिला। सेवापुरी, कपसेठी, कालिकाधाम, मिर्जामुराद, राजातालाब, बड़ौरा, जंसा और गोराई के बाजारों में मिठाई की दुकानों पर लोगों की आवाजाही बनी रही। कई दुकानदारों ने पर्व की मांग को देखते हुए पहले से अतिरिक्त तैयारी कर रखी थी।
परिवार और परिचितों के साथ साझा की खुशियां
लोगों ने दुकानों से जलेबी खरीदकर घर पहुंचाई और परिवार के सदस्यों के साथ पर्व मनाया। कई लोगों ने पड़ोसियों, रिश्तेदारों और परिचितों को भी जलेबी खिलाकर खुशियां साझा कीं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में बड़ी जलेबियों को लेकर विशेष उत्सुकता दिखाई दी।
महंगाई के बावजूद खरीदारी
जलेबी विक्रेताओं के अनुसार खाद्य सामग्री और अन्य लागत बढ़ने से इस बार कारोबार पर महंगाई का असर है। इसके बावजूद पर्व की परंपरा के कारण जलेबी की मांग बनी रही। लोगों ने अपनी क्षमता के अनुसार खरीदारी की। दुकानदारों का कहना था कि रतजगा के दिन जलेबी की बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है।
दिनभर बनी रही बाजारों में रौनक
पर्व के चलते शहर से लेकर गांव तक बाजारों में दिनभर रौनक रही। मिठाई की दुकानों के आसपास बढ़ी भीड़ और लगातार छनती जलेबियों ने पर्व के माहौल को खास बना दिया। महंगाई की चुनौती के बीच भी लोगों ने परंपरा निभाते हुए जलेबी खरीदी और अपनों के साथ साझा कर रतजगा की खुशियां मनाईं।