ODOP योजना से बढ़ा हस्तनिर्मित कालीन उद्योग, महिला सशक्तिकरण को मिल रही नई दिशा
वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP)” योजना का लाभ अब जिले के पारंपरिक उद्योगों को मजबूती देने में कारगर साबित हो रहा है। इसी कड़ी में वाराणसी की उद्यमी लीजा कपूर ने बताया कि उनके यहां तैयार होने वाले हस्तनिर्मित कालीन (कार्पेट) को GI प्रोडक्ट का दर्जा प्राप्त है, जिससे इस कला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है।
लीजा कपूर ने बताया कि उनके “कपूर कार्पेट” में बनने वाले कालीन पूरी तरह हाथ से तैयार किए जाते हैं। इसकी प्रक्रिया ड्राइंग से लेकर वीविंग (बुनाई), कटिंग और डिजाइनिंग तक पूरी तरह हस्तनिर्मित होती है। उन्होंने कहा कि मशीनों के बढ़ते दौर में भी वे पारंपरिक कला को जीवित रखने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं।
उन्होंने विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए बताया कि उनके यहां बड़ी संख्या में लड़कियां काम कर रही हैं। ये महिलाएं पढ़ाई के साथ-साथ कालीन बुनाई का काम सीखकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। इससे न सिर्फ उन्हें रोजगार मिल रहा है, बल्कि वे आर्थिक रूप से भी मजबूत हो रही हैं।
लीजा कपूर ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि इस तरह की पारंपरिक और हस्तनिर्मित कला को बचाने के लिए निरंतर सहयोग की आवश्यकता है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस विरासत को आगे बढ़ा सकें। उन्होंने यह भी बताया कि ODOP योजना से जुड़ने के बाद उनके व्यवसाय को नई दिशा मिली है। पहले जहां काम की तलाश करनी पड़ती थी, वहीं अब वे खुद का सफल कारोबार चला रही हैं और अन्य लोगों को भी रोजगार दे रही हैं।