संत रविदास जन्मस्थली का भव्य कायाकल्प, आस्था, सामाजिक समरसता और जनसुविधाओं का अद्भुत संगम

संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जन्मस्थली, सीर गोवर्धनपुर, हमेशा से देश-विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र रही है। चुनाव के समय अनेक राजनीतिक दल संत रविदास जी की जन्मस्थली पर मत्था टेकने तो पहुंचते रहे, लेकिन लंबे समय तक उनके जन्म स्थान के समग्र विकास की दिशा में ठोस प्रयास नहीं किए गए। मोदी-योगी सरकार ने इस पावन स्थल के समग्र विकास को प्राथमिकता देते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा एवं धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों के माध्यम से ₹111.81 करोड़ की लागत से आधारभूत सुविधाओं एवं पर्यटन अवसंरचना का विकास कराया है। इसका उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को स्वच्छ और  सुरक्षित धार्मिक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि वे संत रविदास जी के जीवन-दर्शन एवं उनके संदेश को निकटता से अनुभव कर सकें।
 

मोदी-योगी सरकार ने संत रविदास जन्मस्थली पर धार्मिक पर्यटन को दिया बढ़ावा, ₹111.81 करोड़ की लागत से हुआ विकास

₹5.34 करोड़ की लागत से आधुनिक लंगर हॉल एवं जनसुविधाओं का हुआ निर्माण

₹2.59 करोड़ की लागत से पार्क, ₹1.78 करोड़ से पैदल मार्ग एवं बाउंड्री वॉल का निर्माण

₹3.31 करोड़ की लागत से स्कल्पचर, आकर्षक लाइटिंग, ईपीडीएम पाथवे एवं अन्य सौंदर्यीकरण कार्य कराए गए

₹0.50 करोड़ की लागत से संत गुरु रविदास जी की भव्य कांस्य प्रतिमा स्थापित की गई

भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ₹51.34 करोड़ की लागत से भूमि का क्रय एवं अधिग्रहण किया गया

वाराणसी। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जन्मस्थली, सीर गोवर्धनपुर, हमेशा से देश-विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र रही है। चुनाव के समय अनेक राजनीतिक दल संत रविदास जी की जन्मस्थली पर मत्था टेकने तो पहुंचते रहे, लेकिन लंबे समय तक उनके जन्म स्थान के समग्र विकास की दिशा में ठोस प्रयास नहीं किए गए। मोदी-योगी सरकार ने इस पावन स्थल के समग्र विकास को प्राथमिकता देते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा एवं धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों के माध्यम से ₹111.81 करोड़ की लागत से आधारभूत सुविधाओं एवं पर्यटन अवसंरचना का विकास कराया है। इसका उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को स्वच्छ और  सुरक्षित धार्मिक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि वे संत रविदास जी के जीवन-दर्शन एवं उनके संदेश को निकटता से अनुभव कर सकें।


वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा ने बताया कि श्रद्धालुओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ₹5.34 करोड़ की लागत से आधुनिक लंगर हॉल एवं जनसुविधाओं का निर्माण कराया गया। परिसर को आकर्षक एवं व्यवस्थित स्वरूप देने के लिए ₹2.59 करोड़ की लागत से पार्क का विकास, ₹1.78 करोड़ से पैदल मार्ग एवं बाउंड्री वॉल तथा ₹3.31 करोड़ की लागत से स्कल्पचर, आकर्षक लाइटिंग, ईपीडीएम पाथवे एवं अन्य सौंदर्यीकरण कार्य कराए गए हैं। इसके साथ ही ₹0.50 करोड़ की लागत से संत गुरु रविदास जी की भव्य कांस्य प्रतिमा स्थापित की गई है, जो उनके जीवन-दर्शन, समानता और मानवता के संदेश का सजीव प्रतीक बनकर श्रद्धालुओं को प्रेरित कर रही है।

उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम एवं सुरक्षित बनाने के लिए ₹11.88 करोड़ की लागत से छित्तूपुर रोड से सीर गेट तक सड़क का निर्माण कराया गया। इसके अलावा ₹4.69 करोड़ की लागत से इंटरलॉकिंग, ड्रेनेज एवं सीसी रोड तथा ₹2.14 करोड़ की लागत से लंगर हॉल को राष्ट्रीय राजमार्ग-7 से जोड़ने वाले संपर्क मार्ग का निर्माण कराया गया है। वहीं ₹0.45 करोड़ की लागत से संत रविदास घाट पर दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए रैम्प का निर्माण तथा ₹2.75 करोड़ की लागत से नगवा स्थित संत रविदास पार्क का सौंदर्यीकरण एवं जीर्णोद्धार कराया गया है।

प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने बताया कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ₹51.34 करोड़ की लागत से भूमि का क्रय एवं अधिग्रहण किया गया है। इसके अतिरिक्त ₹24.13 करोड़ की लागत से संत रविदास जी के जीवन, दर्शन, साहित्य एवं सामाजिक योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से आधुनिक संग्रहालय (म्यूजियम) का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।