वन विभाग की निगरानी में आजमगढ़ भेजा गया हाथी, रामनगर की रामलीला में भड़क गया था गजराज, मालिक ने दोबारा इस्तेमाल न करने का दिया शपथपत्र
वाराणसी। रामनगर की ऐतिहासिक रामलीला में गोसाईंगंज, आजमगढ़ से लाए गए गजराज को स्वस्थ होने के बाद गुरुवार देर रात वन विभाग की निगरानी में उसके घर भेज दिया गया। मौसम में बदलाव के बीच डॉक्टरों की टीम ने जांच के बाद हाथी को पूरी तरह स्वस्थ घोषित किया। इसके बाद उसे वापस भेजने की अनुमति दी गई।
दरअसल, बीते 18 अक्टूबर की सुबह रामनगर के पंचवटी मैदान में भोजन खिलाने के दौरान गजराज अचानक बेकाबू हो गया था। इस दौरान उसने अपने महावत छपलू को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। आजमगढ़ में उपचार के दौरान 25 अक्टूबर को महावत की मौत हो गई थी। घटना के बाद हाथी का मानसिक संतुलन बिगड़ने की आशंका को देखते हुए उसे चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया था। डॉक्टरों की टीम लगातार उसके स्वास्थ्य की देखभाल कर रही थी।
डीएफओ निधि चौहान ने बताया कि गुरुवार को हाथी के पूरी तरह स्वस्थ होने पर उसे आजमगढ़ वापस भेज दिया गया। हाथी को नियंत्रित करने के लिए करीब 15 घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी थी। इसके बाद गोरखपुर और कानपुर चिड़ियाघर से बुलाए गए डॉक्टरों की निगरानी में उसे आंशिक रूप से बेहोश कर काबू में किया गया था।
मालिक से लिया गया शपथपत्र
महावत की मौत के बाद हाथी के मालिक से दोबारा उसका इस्तेमाल नहीं करने का शपथपत्र लिया गया है। वन विभाग की निगरानी में हाथी को उसके घर भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई।