बालक की मौत से चंदुआ छित्तूपुर में आक्रोश, कुत्ते काटने से मौत का आरोप, थाने पहुंचे लोग, मुकदमा दर्ज 

सिगरा थाना क्षेत्र के चंदुआ छित्तूपुर में आठ वर्षीय बच्चे की मौत के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है। बच्चे को करीब 10 से 15 दिन पहले कुत्ते के काटने या नाखून से चोट लगने का आरोप लगाया जा रहा है। मामले को लेकर मोहल्ले के लोग सिगरा थाने पहुंचे और लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि, बच्चे की मौत का वास्तविक कारण अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं है।
 

वाराणसी। सिगरा थाना क्षेत्र के चंदुआ छित्तूपुर में आठ वर्षीय बच्चे की मौत के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है। बच्चे को करीब 10 से 15 दिन पहले कुत्ते के काटने या नाखून से चोट लगने का आरोप लगाया जा रहा है। मामले को लेकर मोहल्ले के लोग सिगरा थाने पहुंचे और लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि, बच्चे की मौत का वास्तविक कारण अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं है।

स्थानीय निवासी जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि पड़ोस में रहने वाली एनजीओ संचालिका सरोज के परिवार पर गली में कई कुत्ते रखने का आरोप है। उनके मुताबिक, इन्हीं कुत्तों में से एक ने करीब 10 से 15 दिन पहले बच्चे को काट लिया था या नाखून से चोट पहुंचाई थी। आरोप है कि बच्चा डर के कारण घटना की जानकारी परिजनों को नहीं दे सका। स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि समय रहते परिजनों को एंटी-रेबीज टीका लगवाने के लिए सूचना नहीं दी गई। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

संकरी गली में कुत्ते रखने पर सवाल
मोहल्लेवासियों का आरोप है कि करीब छह फीट चौड़ी गली में 10 से 20 कुत्ते रखे गए हैं, जिससे बच्चों और अन्य लोगों के आवागमन में परेशानी होती है। बच्चे की मौत के बाद इस व्यवस्था को लेकर विरोध बढ़ गया है।

विरोध के दौरान कहासुनी
स्थानीय लोगों ने विरोध के दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी होने का भी आरोप लगाया है। उनका दावा है कि इस दौरान पूर्व पार्षद मुन्ना सरोज समेत अन्य लोगों के साथ विवाद हुआ। मोहल्लेवासियों ने पूरे घटनाक्रम की जांच कराने की मांग की है। फिलहाल, पुलिस को शिकायत सौंपकर बच्चे की मौत के कारणों और कुत्तों को रखने से जुड़ी शिकायतों की जांच की मांग की गई है। अब पुलिस की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।